रियो ओलंपिक: अभी तक एक भी मैडल न मिलने पर चीन ने उड़ाया भारत का मज़ाक

नई दिल्ली (12 अगस्त): चीन को मौका मिले और वो भारत को नीचा न दिखाये ऐसा हो ही नहीं सकता। फिल्हाल, ओलंपिक में गये भारत भारी-भरकम दल में से एक भी खिलाड़ी मैडल हासिल नहीं कर पाया है। बस, चीन को मौका मिला और उसने हमें आइना दिखा दिया। चीन ने कहा कि भारत आबादी के ऊपर से दूसरे नंबर पर है और ओलंपिक में पदक हासिल करने के मामले में नीचे दूसरे नंबर पर रहता है। 

- चीनी मीडिया ने कहा है कि भारत में क्रिकेट के अलावा किसी दूसरे खेल के बारे में लोग नहीं जानते, और क्रिकेट ओलंपिक का हिस्सा नहीं है। 

- भारत में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। खराब स्वास्थ्य, गरीबी, लड़कियों को खेलने की इजाजत न होना, लड़कों पर डॉक्टर और इंजिनियर बनने के लिए ज्यादा दबाव, दूसरे खेलों के बजाय क्रिकेट की ज्यादा लोकप्रियता, हॉकी में भारत का गिरता प्रदर्शन और ग्रामीण इलाकों में ओलिंपिक की जानकारी का अभाव है।

- चीनी वेबसाइट तोशिया डॉट कॉम के मुताबिक, 'भारत की जनसंख्या 120 करोड़ है और चीन के बाद यह दुनिया का दूसरा सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश है। लेकिन, ओलिंपिक खेलों में भारत बहुत ही कम मेडल हासिल करता है।

- इस वेबसाइट ने इसका कारण बताया है कि जनसंख्या के मुताबिक भारत में अमीर और गरीब के बीच बड़े अंतर की वजह से गरीबों की जीने और खेल के लिए ऊर्जा बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। 

- इस आर्टिकल के मुताबिक भारत सरकार खेलकूद की बुनियादी सुविधाओं पर बहुत कम खर्च करती है। 

- चाइना न्यूज डॉट कॉम के मुताबिक, भारत में स्पोर्ट्स कल्चर की कमी ओलिंपिक में असफलता का सबसे बड़ा कारण है।  - भारतीय संस्कृति ने स्थानीय खेलों के विकास में बाधा डाली है। 

- भारत में अधिकांश लोग अपने बच्चों को डॉक्टर और इंजिनियर बनाना चाहते हैं। खेल प्रतिभाओं को परिवार और यहां तक कि पड़ोसियों का भी विरोध झेलना पड़ता है।