सऊदी अरब से परिजनों को स्वदेश भेज रहे हैं भारतीय, जानें ये है वजह

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (9 जून): सऊदी अरब में रह रहे भारतीय अपने परिवार के सदस्यों को भारत भेज रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में इसमें काफी तेजी देखी गई है। भारतीयों के यह कदम उठाने के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। सऊदी सरकार ने पिछले कुछ समय में नियमों में काफी सख्ती की है। दरअसल, तेल की कीमतों में लंबे समय तक रही कमी के कारण देश की तेल आधारित अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा है। माना जा रहा है कि सरकार दूसरे स्रोतों से घाटे की भरपाई कर रही है।दरअसल, सऊदी सरकार ने प्रवासी लोगों को मिलने वाली कई सेवाओं पर शुल्क लगाना शुरू कर दिया है। प्रति व्यक्ति के हिसाब से सालाना रेजिडेंस फी लगा दिया गया है, जिससे वहां रहने वाले कई भारतीय कामगारों को अपने परिजनों को भारत भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इससे पहले सऊदी सरकार प्रति परिवार के हिसाब से फीस लेती थी।आश्रितों के लिए फी, जो फिलहाल सऊदी अरब रियाल (SAR) 100 प्रति महीना प्रति आश्रित फैमिली मेंबर है, को 1 जुलाई 2018 से दोगुना यानी SAR 200 कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, आगे भी यह वृद्धि जारी रहने वाली है। 1 जुलाई 2019 से यह SAR 300 और 1 जुलाई 2020 से यह SAR 400 हो जाएगी। इसका मतलब यह है कि चार सदस्यों वाले एक परिवार को 1 जुलाई से SAR 9600 (1.72 लाख रुपये) हर साल चुकाने होंगे।सऊदी से अभी कितने NRI लौट आए हैं, इसका आंकड़ा तो उपलब्ध नहीं है पर हाल में हैदराबाद के स्कूलों में भारतीय प्रवासियों के बच्चों के बढ़े दाखिले ने इस ओर सभी का ध्यान खींचा है। कई स्कूलों में सूत्रों का कहना है कि वे बड़ी संख्या में NRI स्टूडेंट्स को प्रवेश दे रहे हैं। आपको बता दें कि हैदराबाद के स्कूल NRI बच्चों में काफी लोकप्रिय हैं, जो CBSE पाठ्यक्रम पर आधारित हैं। दरअसल, सऊदी और दूसरे खाड़ी देशों में भी भारतीय स्कूलों में यही सिस्टम अपनाया जाता है।सऊदी अरब में करीब 32.5 लाख भारतीय काम कर रहे हैं। इनमें केरल के लोगों की संख्या सबसे ज्यादा 40 फीसदी और तेलंगाना के लोगों की 20-25 फीसदी है। इसके बाद महाराष्ट्र, यूपी और राजस्थान से गए लोगों का नंबर आता है।