नासिक: प्याज की कीमत में लगी आग, एक दिन में 80 फीसदी बढ़े दाम

नई दिल्ली ( 4 अगस्त ): एशिया में प्याज की सबसे बड़ी मंडी लासलगांव में सट्टेबाजी बढ़ने से एक दिन में प्याज की कीमत में 80 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है। जिस प्याज की कीमत 1270 पर क्विंटल थी वो अब 2300 प्रति क्विंटल हो गई। गुरुवार को इसके दाम में 38 प्रतिशत का उछाल आया। इससे प्याज का विदेश से आयात करने की जरूरत पड़ सकती है। लासलगांव APMC में 1 अगस्त को प्याज का न्यूनतम और अधिकतम दाम क्रमश: 5 और 15 रुपये प्रति किलोग्राम था जो 2 अगस्त को बढ़कर 5 और 19 रुपये प्रति किलोग्राम और 3 अगस्त को क्रमश: 8 और 26 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।

देश में प्याज के दाम बढ़ने से इसका निर्यात लगभग बंद हो गया है। अगर देश में प्याज के दाम 25 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर बने रहते हैं तो कुछ ट्रेडर्स आयात कर सकते हैं। मुंबई के एक एक्सपोर्टर ने बताया, 'अगर देश में दाम 25-30 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच रहते हैं तो आयात करना फायदेमंद होगा।' हालांकि, बहुत से ट्रेडर्स का मानना है कि प्याज का आयात करने पर भी इसके बढ़ते दामों पर नियंत्रण करने में मुश्किल होगी।

एक साल पहले की समान अवधि में इसी मंडी में प्याज की अधिकतम थोक कीमत 9.20 रुपये प्रति किलो थी। लासलगांव मंडी के भाव के आधार पर ही देश की अन्य मंडियों में प्याज के दाम तय होते हैं।

नासिक स्थित नेशनल हॉर्टिकल्चरल रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन (एनएचआरडीएफ) के डायरेक्टर पीके गुप्ता ने बताया कि सीमित आपूर्ति की वजह से प्याज की कीमतें बढ़ी हैं। मौजूदा मांग को पुरानी रबी फसल के स्टॉक से पूरा किया जा रहा है। यह स्टॉक अब खत्म हो रहा है। इसके अलावा मध्य प्रदेश से भी आपूर्ति सीमित हो गई है क्योंकि वहां राज्य सरकार इसकी खरीद कर रही है। थोक मूल्यों में बढ़ोतरी का असर खुदरा मंडियों में भी दिखना शुरू हो गया है। दिल्ली-एनसीआर में प्याज के खुदरा मूल्य बढ़कर 30 से 35 रुपये के दायरे में पहुंच गए हैं। टमाटर के भाव पहले से ही करीब 80 रुपये प्रति किलो पर हैं।