यूपी में BJP का चेहरा कौन होगा- राजनाथ या वरुण? जानिए, क्या कहता है पार्टी का 'सर्वे'

मानस श्रीवास्तव, नई दिल्ली (9 जून): उत्तर प्रदेश की सियासत में घमासान चालू है। जहां बीजेपी का चेहरा कौन होगा, इसको लेकर अब दो नाम रेस में आगे बताए जा रहे हैं। पहला नाम राजनाथ सिंह का है, दूसरा नाम वरुण गांधी का। कहा जा रहा है कि भले बीजेपी के इंटर्नल सर्वे में वरुण गांधी पहली पसंद बन रहे हों, लेकिन बीजेपी राजनाथ सिंह के नाम पर दांव चलना चाहेगी। शायद इसीलिए यूपी में मोदी और अमित शाह के साथ राजनाथ सिंह, तीनों की सौ रैलियां होने वाली हैं।  

क्या यूपी में बीजेपी का वनवास खत्म होगा तो सत्ता पाने वाले राम राजनाथ सिंह ही होंगे? ये सवाल इसलिए उठा है क्योंकि मोदी राज के एक साल होने पर जब नरेंद्र मोदी मथुरा में रैली कर रहे थे, तब राजनाथ सिंह कहीं नहीं दिखे, लेकिन मोदी राज के दो साल होने पर राजनाथ सिंह ना सिर्फ नरेंद्र मोदी के साथ मंच पर थे, बल्कि अब तो खबर है कि यूपी में मोदी और अमित शाह के साथ राजनाथ सिंह, तीनों मिलकर कुल सौ रैलियां करने वाले हैं। 

लेकिन बीजेपी में राजनाथ सिंह को चेहरा बनाने को लेकर दो खेमे हैं। एक खेमा कहता है कि यूपी में बतौर सीएम राजनाथ सफल नहीं थे। दूसरा खेमा कहता है कि मायावती, अखिलेश यादव के सामने राजनाथ सिंह जैसा मजबूत चेहरा ठीक बैठता है। यूपी में पिछड़ी जाति से केशव मौर्य अध्यक्ष बन चुके हैं तो अगड़ी जाति के राजनाथ सिंह को प्रोजेक्ट करना सही रहेगा। 

कहा जा रहा है कि यूपी में राजनाथ सिंह की पचास रैलियों की प्लानिंग हो चुकी है। पर अंदरखाने खबर ये भी है कि राजनाथ सिंह की इतनी रैलियां कराने के पीछे मकसद यूपी में वरुण गांधी को पीछे करना है। दरअसल बीजेपी हाईकमान की तरफ से कराये गये सर्वे मे वरुण गांधी को 23.5 फीसदी वोट मिले थे जबकि राजनाथ को बतौर मुख्यमंत्री सिर्फ 11 फीसदी लोगो ने ही पसंद किया। बताया जा रहा है कि वरुण गांधी पार्टी के बड़े नेताओं की सुन नहीं रहे हैं। इसीलिए राजनाथ सिंह को आगे किया जा रहा है। लेकिन विरोधी कहते हैं कि राजनाथ आगे करने के पीछे मकसद उन्हें दिल्ली से हटाकर यूपी में सीमित करना है। 

हालांकि राजनाथ सिंह के मुख्यमंत्री रहते ही आखिरी बार जब यूपी के चुनाव में बीजेपी उतरी थी तो पार्टी की वो हालत हुई जिसके बाद आज तक सत्ता में नहीं लौट पाई। लेकिन सच्चाई ये भी है कि  मायावती,  अखिलेश यादव जैसे चेहरों के सामने पार्टी किसी छोटे या बाहरी चेहरे को उतारने की वो गलती नहीं करेगी जिसका खामियाजा दिल्ली में भुगत चुकी है। 

*फाइल फोटो