भारत में बढ़ा टीवी का कहर, मरने वालों की तादाद एक साल में हुई दोगुनी

नई दिल्ली (1 नवंबर): भारत में पिछले एक साल में टीवी से मरने वाले की तादाद दो गुनानी हो गई है। भारत में 2014 में टीवी से 2 लाख 20 हजार लोगों की मौतें हुई थी, जबकि 2015 में टीवी से मरने वाले की तादाद 4 लाख 80 हजार पहुंच गई है।

WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की 27 फीसदी टीबी के मामले भारत में हैं। देश में यह सबसे घातक संक्रामक रोग है। साल 2015 में देश में 28 लाख टीबी के नए मामले सामने आए, जबकि 2014 में नए मामलों की संख्या 22 लाख थी। वहीं, पूरी दुनिया में टीवी के मरीजों की तादाद 96 लाख से बढ़कर 1 एक करोड़ 4 लाख हो गई है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में सबसे ज्यादा टीबी के मामले भारत में पाए जाते हैं। WHO की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में टीबी अनुमान की तुलना में कही अधिक बड़ी महामारी है। यह निगरानी और सर्वेक्षण के नए आंकड़ों से पता चला है। पिछले दो सालों में भी निजी अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में टीबी का इलाज हो रहा है और उसे सरकार के पास पंजीकृत करवाया जा रहा है।

हालांकि, 2012 से पहले निजी अस्पतालों के लिए सरकार के पास पंजीकरण करवाना अनिवार्य था। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि टीबी का इलाज संभव है, लेकिन भारत में केवल 59 फीसदी मरीजों को ही इलाज मिल पाता है।