अमेरिका ने दिया संकेत, पाकिस्तान पर भी लग सकता है प्रतिबंध

नई दिल्ली ( 1 फरवरी ): पाकिस्तान को अब जिहादी संगठनों को पनाह देना अब भारी पड़ रहा है। व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि आतंकवाद की धुरी बने पाकिस्तान के नागरिकों पर भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका आने पर रोक लगा सकते हैं। एक सवाल के जवाब में व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सियान स्पाइसर ने कहा, पाकिस्तान पर प्रतिबंध क्यों नहीं लग सकता? वह जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में ट्रंप के मीडिया से संबंधों पर आधारित एक सेमिनार में बोल रहे थे। स्पाइसर ने कहा कि जिस तरह से सात मुस्लिम बहुल देशों पर प्रतिबंध लगा है, उसी तरह से पाकिस्तान के लोगों पर भी प्रतिबंध लग सकता है।

सात देशों पर उनमें मौजूद आतंकी संगठनों के समर्थकों को अमेरिका आने से रोकने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया है। जबकि पाकिस्तान आतंकी संगठनों को प्रश्रय देने के लिए पूरी दुनिया में बदनाम है। भारत, अफगानिस्तान समेत दुनिया के तमाम देशों में उसके भेजे आतंकियों द्वारा वारदात अंजाम देने के सुबूत हैं। हाल के दिनों में अमेरिका और व्हाइट हाउस में यह सवाल तेजी से गूंजा है कि प्रतिबंधित देशों की सूची में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और सऊदी अरब को क्यों नहीं शामिल किया गया। तीनों ही देशों में आतंकी संगठनों की पनाहगाह हैं और वे उन्हें हर तरह का सहयोग देते हैं। स्पाइसर ने कहा, अभी समीक्षा का दौर चल रहा है। हमारी नजर सबके ऊपर है।

यह अभी शुरुआत है। हमारे ऊपर अमेरिका के 32 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी है। हम मानते हैं कि इससे अन्य देशों के लोगों को कठिनाई होगी, लेकिन हमारी सर्वाधिक जिम्मेदारी अपने देश और उसमें रहने वाले लोगों के प्रति है। चंद रोज पहले व्हाइट हाउस के कार्यकारी प्रमुख रींस प्रीबस ने भी कहा था कि प्रतिबंधित किए जाने वाले देशों की सूची में पाकिस्तान भी शामिल हो सकता है।

अपने देश के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाने पर ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को राजनीति का नौसिखिया बताया है। कहा है कि ट्रंप का आचरण ऐसा है-जैसे कि वह किसी दूसरी दुनिया से आए हैं। वह न केवल अपने देश के लिए खतरनाक हैं बल्कि पूरी दुनिया के लिए भी खतरनाक हैं।