खुल गया रहस्य- कलियुग में कहां रहते हैं हनुमान !

नई दिल्ली (10 अप्रैल): हनुमान चालीसा में गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है कि – 'चारो जुग परताप तुम्हारा है परसिद्ध जगत उजियारा।' इस चौपाई में साफ संकेत है कि श्रीहनुमान ऐसे देवता है, पर जो हर युग में किसी न किसी रूप, शक्ति और गुणों के साथ जगत के लिए संकटमोचक बनकर मौजूद रहते हैं। लेकिन प्रश्न यह है कि कलियु में हनुमान जी कहां रहते हैं। पौराणिक मान्यतओं में कलियुग में श्रीहनुमान का निवास गन्धमादन पर्वत (वर्तमान में रामेश्वरम धाम के नजदीक) पर है। इसके अलावा यह भी माना जाता है कि कलियुग में जहां-जहां अपने श्रीराम का ध्यान, भजन और स्मरण होता है वहां-वहां वो अदृश्य रूप में उपस्थित रहते हैं। स्तुतियों में लिखा भी गया है कि – 'यत्र-यत्र रघुनाथकीर्तनं तत्र-तत्र कृत मस्तकांजलिं।'