इनके एक थप्पड़ ने बदल दी सचिन की पूरी जिंदगी

नई दिल्ली (14 अप्रैल): हर कामयाब शख्स के पीछे एक ऐसी कहानी होती है जो उसके कामयाबी की सीढ़ियों से जुड़ी होती है। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन भी उन्हीं में से एक हैं जिनकी सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और लगन के अलावा एक घटना जुड़ी हुई है।

24 अप्रैल को मास्टर ब्लास्टर का जन्मदिन है। इस अवसर पर हम खास सीरीज के तहत उनके जीवन की अनजानी बातों को आपको बताएंगे। आज की कड़ी में हम बता रहे हैं एक ऐसी घटना के बारे में जिसके बाद उनकी पूरी दुनिया ही बदल गई...

आज सचिन का दीवानापन पूरी दुनिया के लोगों में देखा जा सकता है। उन्होंने क्रिकेट में जो मुकाम पाया है वहां तक पहुंचना किसी और क्रिकेटर के लिए नामुमकिन सा लगता है। इस कामयाबी को पाने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। पूरे शरीर में कई जख्म सहे और कई बार सर्जरी करवाई। लेकिन इन बातों के अलावा एक छोटी सी घटना ऐसी है जहां से उनके जीवन को नया मोड़ मिला था।

सचिन के कोच आचरेकर उन्हें बहुत मानते थे। उन्होंने सचिन में क्रिकेट के प्रति लगाव को देखकर छोटी उम्र में ही उनके अंदर की प्रतिभा को भांप लिया था। वे सचिन को पूरे-पूरे दिन प्रैक्टिस करवाते थे। लेकिन एक दिन ऐसा आया जब आचरेकर ने सचिन को जोर का थप्पड़ मारा।

दरअसल, वानखेड़े स्टेडियम में हैरिस शील्ड टूर्नामेंट का फाइनल खेला जाना था। उस समय 14 साल के सचिन इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं थे। लेकिन मैच के प्रति उनकी दीवानगी ऐसी थी कि वो प्रैक्टिस छोड़कर स्टेडियम पहुंच गए। लेकिन वहां पर सचिन की मुलाकात कोच आचरेकर से हो गई। फिर क्या था आचरेकर सचिन को यहां देखकर गुस्से लाल हो गए और थप्पड़ मारा। इसके बाद सचिन ने कहा कि दूसरों के लिए तालियां बजाने से बेहतर है खुद इस काबिल बनों कि लोग तुम्हारे लिए तालियां बजाएं। उसके बाद सचिन पूरी लगन से मेहनत की और यही कारण है कि आज उन्हें कोई मास्टर ब्लास्टर तो कोई 'गॉड ऑफ क्रिकेट' कहता है।