जब बाल-बाल बची थी सचिन की जान, आज भी खड़े हो जाते हैं उनके रोंगटे

मुंबई(14 जनवरी): क्रिकेट दिगग्ज सचिन तेंदुलकर ने अपने बचपन का एक ऐसा किस्सा बताया है जिसको सुनकर आप हैरान हो सकते हैं। सचिन ने बताया है कि कैसे वो एक बार दादर स्टेशन पर शॉर्टकट के चक्कर में वे दो लोकल ट्रेनों की चपेट में आते-आते बचे थे। दरअसल सचिन बुधवार को मुंबई रेलवे पुलिस के ‘सेफ्टी अलर्ट मैसेज एक्सक्लूसिवली फॉर पैसेंजर्स’ कैम्पेन का इनॉगरेशन करने पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने ये किस्सा बताया।किया। 

सचिन ने कहा कि मैंने मुंबई में 11 से 15 साल की उम्र में क्रिकेट की भारी किट उठाकर लोकल ट्रेनों में धक्के खाते हुए खूब सफर किया है। इसी दौरान एक बार रेलवे ट्रैक पार करते हुए मेरी और एक दोस्त की जिंदगी खतरे में पड़ गई थी। रोंगटे खड़े कर देने वाला यह एक्सपीरियंस हमेशा मुझे याद रहेगा। सचिन ने कहा कि जब मैं 12-13 साल का था तो स्कूल के बाद विले पार्ले में एक दोस्त के घर गया था। हम पांच-छह दोस्तों ने क्रिकेट प्रैक्टिस की। फिर दोपहर का खाना खाने हम उसी के घर पहुंचे। इसके बाद हमारी फिल्म देखने की इच्छा हुई। फिल्म देखने के बाद दोबारा क्रिकेट प्रैक्टिस करने जाने के लिए हम लेट हो रहे थे। हमें दादर में दूसरे प्लेटफाॅर्म पर जाना था। तब हमने रेलवे का नियम तोड़ा और पटरियां लांघने लगे।

सचिन ने बताया इसी दौरान सभी पटरियों पर आगे-पीछे से लोकल ट्रेनें हमारी ओर आती दिखीं। हम सभी बेहद घबरा गए। तभी अपनी क्रिकेट किट नीचे फेंक दी और दोनों तरफ की पटरियों के बीच की जगह पर जैसे-तैसे घुटने टेककर बैठ गए। ट्रेनें गुजरने पर हमारी जान में जान आई। उसी दिन जिंदगी में कभी रेलवे ट्रैक नहीं लांघने की कसम खा ली थी। सचिन ने बताया कि उस वक्त वे बहुत घबरा गए थे और उस पल को याद कर आज भी उनके रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सचिन ने कहा कि इसके बाद मैंने कभी रेलवे लाइन पार नहीं की। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि वे भी रेलवे लाइन पार करने से बचें।