जब फूट-फूटकर रोए थे धोनी-विराट!

नई दिल्ली(16 अप्रैल):टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपने कूल स्वभाव के जाने लिए जाते हैं। क्रिकेट का मैदान हो या आम जीवन धोनी को गुस्से में या भावुक होते ही कम ही देखा गया है। धोनी क्रिकेट से और टीम इंडिया से कितना प्यार करते हैं यह सारा उनका प्रदर्शन और कप्तानी रिकॉर्ड बयां करता है। लेकिन कुछ मौके ऐसे भी आए जब धोनी भावुक हुए और अपने आपको कंट्रोल नहीं कर पाए। 

टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर रो पड़े थे धोनी

एमएस धोनी ने दिसंबर 2014 में अचानक टेस्ट से रिटायरमेंट ले लिया। 30 दिसंबर को उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी टेस्ट खेला। धोनी ने जब संन्यास का ऐलान किया तो उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। अपने टीम साथियों को इस बारे में जानकारी देते हुए वे काफी भावुक हो गए थे। उन्होंने धीमी आवाज में टीम साथियों से कहाकि, दोस्तों मैं टेस्ट क्रिकेट छोड़ रहा हूं। इसके बाद टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में सन्नाटा पसर गया और किसी भी खिलाड़ी के मुंह से आवाज नहीं निकली। इसके बाद धोनी की आंखों का सागर बह निकला और टीम के अन्य खिलाड़ी भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।   कप्तानी मिलते ही थे कोहली नहीं रोक पाए अपने आपको 

एमएस धोनी के रिटायरमेंट के वक्त टीम ऑस्ट्रेलिया टूर पर थी और एक मैच बचा हुआ था। उस मैच में विराट कोहली को कप्तानी करने के लिए कहा गया। उन्होंने जब यह खबर सुनी तो खुद पर काबू नहीं रख पाए। विराट ने अपनी गर्लफ्रेंड अनुष्का को सारी बातें बताईं और रोने लगे। उन्होंने एक इंटरव्यू में इसका खुलासा किया।

कोहली ने उस इंटरव्यू में क्या-क्या बताया... - धोनी के टेस्ट से रिटायरमेंट लेने के बाद मुझे कप्तानी सौंपी गई। सच कहूं तो मैं सोच ही नहीं पा रहा था कि मुझे कप्तानी करनी है। - कुछ देर बाद माहौल शांत हुआ। मैं अपने कमरे में गया। तब अनुष्का भी ऑस्ट्रेलिया में मौजूद थीं। मैंने उन्हें भी ये बात बताई और मेरी आंखों से आंसू निकल आए। वो भी हैरान थीं कि ये सब अचानक कैसे हो गया। - अनुष्का ने मुझे समझाया। थोड़ी देर बाद मैं शांत हुआ और सोचा कि मुझे टेस्ट टीम की जिम्मेदारी दी गई है। मुझे इसे हर हाल में निभाना ही होगा। - मैंने भारत के लिए क्रिकेट खेलने का सपना देखा था, लेकिन कभी ये नहीं सोचा था कि भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान बन पाऊंगा। खासकर इतनी कम उम्र (26 साल) में।

बता दें कि विराट को जनवरी 2015 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में हुए सीरीज के आखिरी टेस्ट में कप्तानी का मौका मिला। चार टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले तीन मैचों में धोनी ने कप्तानी की थी और फिर रिटायरमेंट लिया था।