टीम इंडिया के इस गेंदबाज ने किया बड़ा खुलासा, करना चाहता था आत्महत्या

नई दिल्ली (13 नवंबर): टीम इंडिया के चाइनामैन गेंदबाज के नाम से मशहूर स्पिन बॉलर कुलदीप यादव ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में कानपुर के इस क्रिकेटर ने कहा कि 13 साल की उम्र में वे अंडर-15 टीम के लिए खेलना चाहते थे, लेकिन उनका टीम में सेलक्शन नहीं हो पाया था। इस बात से वे इतनी दुखी हो गए थे कि उन्होंने आत्महत्या करने का फैसला कर लिया था।

 कुलदीप ने कहा कि अंडर-15 टीम में सलेक्शन के लिए उन्होंने बचपन से बहुत मेहनत की थी लेकिन इसके बाद भी वह सेलेक्ट नहीं पाए थे। इसके बाद उन्होंने मन बना लिया था कि वे अब क्रिकेट को छोड़ देंगे, लेकिन उनके पिता ने उनका मनोबल बढ़ाया और वे आज यहां तक पहुंचे हैं।

कुलदीप ने बताया कि वे स्कूल में मौज-मस्ती के लिए क्रिकेट खेलते थे, लेकिन पिता चाहते थे कि वे क्रिकेट में कुछ खास करें। इसी कारण पिता ने बेहद कम उम्र में ही कुलदीप को कोच के पास भेजना शुरू कर दिया था। शुरुआती दिनों में कुलदीप तेज बॉलर बनने का सपना लेकर ट्रेनिंग के लिए जाते थे, लेकिन कोच ने उनके टैलेंट का भांपते हुए स्पिन के गुर सिखाने लगे। स्पिन बॉलिंग से विपक्षी टीम को परेशान करते देख कुलदीप के अंदर का आत्मविश्वास जाग गया और वे शेन वार्न की नकल करने लगे। 

आपको बता दें कि कानपुर के रहने वाले इस 22 वर्षीय गेंदबाज अपने पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करने के बाद एकदिवसीय में भारत के लिये हैट्रिक लेने वाले तीसरे गेंदबाज बने।