बीबीसी की एक गलती से 1971 की जंग में भारत को हुआ था बहुत बड़ा फायदा

नई दिल्‍ली (27 जुलाई) : 1971 युद्ध के हीरो मेजर जनरल (रिटायर्ड) इयान कार्डोजो ने उस वक्त के एक दिलचस्प वाकये का ज़िक्र किया है। उन्होंने बीबीसी को उसकी एक गलती के लिए शुक्रिया कहा, जिसकी वजह से भारतीय सेना को फायदा हुआ था।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एक किताब के विमोचन समारोह में इयान ने बीबीसी की उस गलती को याद करते हुए शुक्रिया कहा।

इयान उस वक्त  5 गोरखा राइफल्स बटालियन के मेजर थे। वह 750 सैनिकों के साथ युद्ध के मैदान में थे और उनको सिलहट के पास अतग्राम में कब्जा करने की जिम्‍मेदारी दी गई थी।

उनके पास खाने और गोलाबारूद की भारी कमी थी। इसके बावजूद वह पाकिस्‍तान की दो ब्रिगेड्स, एक कर्नल, 107 अधिकारियों, 219 जेसीओ और 7,000 सैनिकों का आत्‍मसमर्पण कराने में कामयाब रहे। यह युद्ध के सबसे अविश्वसनीय सफलताओं में से एक है।

उस वक्त बीबीसी एक मात्र विश्वसनीय प्रसारण स्टेशन था। वह उसी रूप में समाचारों को प्रसारित करता था, जैसा हुआ हो।

ब्रिटिश वॉर करस्पॉडेंट्स भारतीय सेना के साथ चल रहे थे। वह युद्ध की मिनट-दर-मिनट घटना की रिपोर्टिंग कर रहे थे। मगर, उन्होंने एक गलती कर दी। उन्होंने घोषणा कर दी कि गोरखा की ब्रिगेड सिलहट में पहुंच चुकी है।

भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ ये खबर सुनी गई। इयान के मुताबिक हमने ये फैसला किया कि हम दिखाएंगे कि हम एक ब्रिगेड हैं। इस गलत सूचना का उपयोग करते हुए इयान की बटालियन ने छोटी जीत हासिल की और ऐसी स्थिति बना दी कि पाकिस्तानी सेना ने 15 दिसंबर 1971 को सरेंडर कर दिया।

जब तक यह नहीं हुआ था, इयान और अन्‍य अधिकारियों का मानना था कि उस क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना की एक ब्रिगेड मौजूद थी। मगर, यह जानकर वह चकित रह गए कि पाकिस्तानी सेना की संख्या उनकी ब्रिगेड से कहीं अधिक थी।