जब आनंदीबेन को एक बच्ची ने रुलाया...

अहमदाबाद (1 अगस्त): गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन एक बार एक स्कूल कार्यक्रम ने उन्हें एक बच्ची ने रुला दिया था। मौका था अहमदाबाद में ‘शाला प्रवेशोत्सव’ प्रोग्राम का। गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद स्कूल का पहला दिन था। इस दौरान कक्षा नौ की एक छात्रा अंबिका की ओर से कन्या भ्रूण हत्या पर दी गई प्रस्तुति के दौरान सीएम आनंदीबेन भावुक होकर मंच पर ही रो पड़ीं।

74 साल की आनंदीबेन पटेल को काफी सख्त मिजाज मुख्यमंत्री माना जाता था, लेकिन वह भी अपने आंसू नहीं रोक सकीं। जब अंबिका ने चिट्ठी खत्म की, तो मुख्यमंत्री ने उसे गले लगाया। राजनीति में आने से पहले आनंदीबेन टीचर रह चुकी हैं। 1997 में उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया था। गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल, जिन्हें महिला सशक्तीकरण का मुखर समर्थक माना जाता है।

गुजरात में पूरे प्रदेश में शाला प्रवेशोत्सव और गर्ल्स एजुकेशन के लिए कन्या केलवानी प्रोजेक्ट चलाए। आनंदीबेन पटेल ने शाला प्रवेशोत्सव के दौरान अहमदाबाद के दासक्रोई तालुका के भाट गांव में 91 बच्चों का एडमिशन कराया। आनंदीबेन ने बच्चों को किताबें, स्टेशनरी, खिलौने, साबुन, नेलकटर समेत कई चीजें बांटीं। गांव वालों ने भी ‘मुख्यमंत्री कन्या केलवानी निधि’ में 21 लाख रुपए जमा कराए। शाला प्रवेशोत्सव प्रोग्राम का मकसद गुजरात के 7 हजार गांवो में बच्चों को स्कूल में भर्ती कराना है।