VIDEO: पंजाब में गेंहू की महा 'बर्बादी', साल भर खाते 56 लाख लोग

विशाल एंग्रीश, चंडीगढ़ ( 4 अगस्त ): पंजाब में गेहूं की महा बर्बादी का मामला सामने आया है। यहां सरकारी गोदामों में पिछले 8 साल में साढ़े 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं खराब हो गया। ये मामला अकाली-बीजेपी सरकार के दौरान का है, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल इस नाकामी की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। उनका दावा है कि गेहूं की बर्बादी एफसीआई के गोदामों में हुई। 

ताजा खुलासे के मुताबिक पिछले 8 साल में पंजाब के सरकारी गोदामों में साढ़े 5 लाख मीट्रिक टन गेंहूं बर्बाद हो गया। यानी 55 करोड़ किलो गेहूं पूरी तरह खराब हो गया। ये हाल वहां का है जिसे खेती में देश के अव्वल दर्जे के राज्यों में गिना जाता है। 

अगर एक व्यक्ति पर हर महीने औसतन 7 किलो गेहूं का खर्च मानें तो इतना गेहूं पंजाब की पूरी आबादी के ढाई महीने के गेहूं के खर्च के बराबर है। इससे 56 लाख लोगों का साल भर पेट भर सकता था। गोवा जैसा राज्य पूरे 4 साल तक अपनी गेहूं की खपत पूरी कर सकता था। वहीं हिमाचल प्रदेश की 90 फीसदी आबादी की 1 साल तक गेहूं की जरूरत पूरी हो सकती थी।

गेहूं की इस बर्बादी को लेकर पहले की अकाली-बीजेपी सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। पिछले दस साल राज्य की कमान प्रकाश सिंह बादल के हाथ में थी, लेकिन खुद बादल इसके लिए एसीआई को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

भले बादल नाकामी के आरोपों को खारिज कर रहे हों, लेकिन सच ये है कि जिन गोदामों में गेहूं खराब हुआ उसमें राज्य सरकार के गोदाम भी थे। 

- पंजाब एग्रो फूड ग्रेन के गोदामों में 1171 मीट्रिक टन गेहूं खराब हुआ।
- पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के गोदामों में 4820 मीट्रिक टन गेहूं खराब हुआ।