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व्हाट्सएप का सरकार को अलर्ट, बताया सितंबर में 121 भारतीय थे निशाने पर

भारत में कुछ लोगों के व्हाट्सएप खाते की जासूसी को लेकर अब व्हाट्सएप प्रशासन की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(4 नवंबर): भारत में कुछ लोगों के व्हाट्सएप खाते की जासूसी को लेकर अब व्हाट्सएप प्रशासन की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है। व्हाट्सएप ने दावा किया है कि व्हाट्सएप के अधिकारियों ने भारत को सरकार को इसी साल सितंबर के आखिरी सप्ताह में इस बात की जानकारी दी थी कि कुछ लोग इजराइल के स्पाइवेयर पेगासस सॉफ्टवेयर की मदद से 121 भारतीयों की जासूसी कर रहे हैं। बाद में इन सभी 121 भारतीयों को WhatsApp खातों की सें हमारी की सूचना दी गई थी। 

बता दें कि यह दूसरा मौका था जब कंपनी ने सरकार को जासूसी को लेकर अलर्ट किया था। इससे पहले मई में भी WhatsApp ने भारत को सरकार को जासूसी की सूचना दी थी। इससे पहले भारत सरकार ने बीते गुरुवार को WhatsApp से इस पूरे मामले को लेकर सफाई मांगी। WhatsApp ने कुछ दिन पहले माना था कि इजराइल के स्पाइवेयर पेगासस सॉफ्टवेयर की मदद से भारत के पत्रकार और कुछ अन्य लोगों की जासूसी कराई जा रही है।

कल व्हाट्सएप के जरिये दुनियाभर में सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की जासूसी के लिए जिम्मेदार सॉफ्टवेयर बनाने वाली इजरायली कंपनी एनएसओ के साथ सरकार का संबंध होने से सरकारी सूत्रों ने इनकार किया था। साथ ही सरकार की ओर से कहा गया था कि व्हाट्सएप के साथ इस साल हुई दो बैठकों में भी कंपनी के आला अधिकारियों ने भारतीयों की निजता के उल्लंघन की जानकारी नहीं दी थी।

सूचना प्रसारण मंत्री रवि शंकर प्रसाद इस साल 20 अगस्त को एप के सीईओ क्रिस डेनियल से मिले थे। इसके बाद 12 सितंबर को उन्होंने फेसबुक के उपाध्यक्ष निक क्लेग के साथ भी बैठक की थी।

 एक सरकारी सूत्र के हवाले से लिखता है कि पत्र में व्हाट्सएप ने इस साइबर हमले के शिकार लोगों, घटना, कब, कैसे.. इन सब सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए हैं. हालांकि अस्पष्ट रूप से जानकारी दी है कि करीबन 121 लोग इस हमले के शिकार हो सकते हैं।

वहीं मामले की जानकारी रखने वाले एक अन्य सूत्र के हवाले से अखबार लिखता है कि व्हाट्सएप सरकार को सभी साइबर घटनाओं की पूरी और समय-समय पर जानकारी दे रहा था। मई में एनएसओ ग्रुप का नाम स्पष्ट कह पाना संभव नहीं था क्योंकि तब इस बारे में जानकारी नहीं थी।

व्हाट्सएप सूत्रों ने कहा कि अक्टूबर में कंपनी को एनएसओ के बारे में पता चल गया था लेकिन कंपनी ने ये बात सार्वजनिक इसलिए नहीं की क्योंकि वो नवंबर में एनएसओ को कोर्ट में समन करने वाला था।

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