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वॉट्सऐप ही नहीं दूसरी सोशल मीडिया ऐप पर भी स्पाइवेयर पेगासस की कड़ी नजर

वॉट्सऐप ने पुष्टि की थी कि इजरायली कंपनी NSO के स्पाइवेयर पेगासस की तरफ से कुछ खाताधारकों पर जासूसी मामले में प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ सकती है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(4 नवंबर):  वॉट्सऐप ने पुष्टि की थी कि इजरायली कंपनी NSO के स्पाइवेयर पेगासस की तरफ से कुछ खाताधारकों पर जासूसी मामले में प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ सकती है। लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स ने कहा है कि सिर्फ वॉट्सऐप ही नहीं बल्कि दूसरी ऐप्स के माध्यम से भी मोबाइल डिवाइसेज पर नजर टिकी हुई है। साइबर सिक्यॉरिटी फर्में पहले ही iOS और ऐंड्रॉयड, दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम में पेगासस सॉफ्टवेयर का पता लगा चुकी हैं। वॉट्सऐप ने अपनी रिपोर्ट सौप कर अलर्ट किया है कि जासूसी के शिकार में लोगों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि और भी लोगों के बारे में पता चल रहा है। आपको बता दे कि फिलहाल, वॉट्सऐप ने 1,400 लोगों की जासूसी की पुष्टि की है।

शुक्रवार को वॉट्सऐप की आंतरिक जांच के बाद सुत्रों से जानकारी मिली थी कि इस जासूसी प्रकरण से करीब 20 देशों के सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के अलावा वरिष्ठ सरकारी और सैन्य अधिकारी भी प्रभावित हुए हैं। ओपन इंटरनेट एडवोकेसी ग्रुप एक्सेस नाउ में एशिया पॉलिसी डायरेक्टर और सीनियर इंटरनेशनल काउंसल रमनजीत सिंह चीमा ने बताया, ‘NSO और इसके जैसी अन्य सर्विलन्स टेक कंपनियां अपने क्लाइंट्स को उस शख्स के स्मार्टफोन की सभी गतिविधियों को ट्रैक करने की सहूलियत देती हैं, जिसे वे निशाना बनाना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा कि इससे जीमेल, आईमेसेज, फेसबुक और वाइबर जैसे ऐप्स को बड़ी आसानी से एक्सेस किया जा सकता है।

गूगल की प्रॉजेक्ट जीरो टीम ने सितंबर में अपने ऐंड्रॉयड ऑपरेटिंग में खामियों का खुलासा किया था। इसमें किसी भी ऐंड्रॉयड डिवाइस का कंट्रोल अपने हाथ में लिया जा सकता था। इसमें कई कपंनी के स्मार्टफोन शामिल थे। शाओमी, सैमसंग और ओप्पो के अलावा गूगल के अपने पिक्सल सीरीज के स्मार्टफोन भी शामिल थे। गूगल के थ्रेट ऐनालिसिस ग्रुप ने इसके लिए NSO ग्रुप को जिम्मेवार बताया था। 

साल 2016 में पता चला था कि ऐपल डिसाइसेज को कंट्रोल करने के लिए NSO मैलवेयर का इस्तेमाल करती है। ऐपल को जैसे ही पता चला कि साइबर क्रिमिनल यूजर्स से एक लिंक पर क्लिक करवाकर उनकी डिवाइस का एक्सेस ले सकते हैं, उसने फौरन एक सॉफ्टवेयर अपडेट जारी कर उस खामी को दुरुस्त किया था। 

वॉट्सऐप का कहना है कि हाली में जासूसी के शिकार लोगों की संख्या बढ़ सकती है। कंपनी ने बताया, ‘हमारे पास यकीन करने की ठोस वजह है कि 1,400 उपभोक्ता इस स्पाइवेयर हमले से प्रभावित हुए हैं। हमने उन्हें खास संदेश भेजकर इसकी जानकारी दे दी है। हम अपने यूजर्स के खिलाफ इस तरह के हमलों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए कंपनी अपने इंडस्ट्री पार्टनरों के साथ मिलकर काम कर रही है।’ ऐनालिस्ट्स का कहना है कि भारत सहित दुनियाभर में सर्विलन्स इकनॉमी बढ़ रही है। इसमें फेस रिकग्निशन से लेकर स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर की काफी डिमांड है।

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