बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूछा- बीएमसी ने सूर्य नमस्कार अनिवार्य किया तो नुकसान क्या ?

नई दिल्ली (17 सितंबर): बीएमसी के स्कूलों में सूर्य नमस्कार अनिवार्य किये जाने के खिलाफ दायर की गयी जनहित याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका कर्ता से मालूम किया है कि सूर्य नमस्कार से क्या हानि है। मुख्य न्यायधीश मंजुला चेल्लूर और न्यायधीश महेश सोनक की पीठ के सामने याचिका कर्ता पूर्व पार्षद मसूद अंसारी के वकीलों ने धर्म और मज़हब का वास्ता देकर सूर्य नमस्कार के आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया था।

जब कोर्ट ने उनकी दलीलें नहीं मानी तो वकीलों ने कहा कि सूर्य नमस्कार केवल खाली पेट किया जाता है, ऐसी परिस्थितियों में या तो छात्रों को भूखे स्कूल आना होगा या फिर सूर्य नमस्कार के गलत प्रभाव बच्चों पर हो सकते हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि सूर्य नमस्कार के प्रकार से किया जाता है। यह देखना जरूरी होगा कि बीएमसी ने स्कूलों में कौन से सूर्य नमस्कार को अनिवार्य किया है। अंत में कोर्ट ने याचिको को इसी महीने के अंत में सुनवाई तक के लिए स्थगित कर दी।