तो ये है ओवैसी का UP में 'सीक्रेट' प्लान

अशोक कुमार तिवारी, नई दिल्ली (1 जून): यूपी में असदुद्दीन ओवैसी ने एक सीक्रेट प्लान तैयार किया है। मुस्लिम वोटरों की गोलबंदी का। ओवैसी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन सुप्रीमो हैं और अब यूपी में पीस पार्टी से दोस्ती करना चाहते हैं। ओवैसी के सीक्रेट प्लान से समाजवादी पार्टी, बीएसपी और कांग्रेस तीनों में खलबली है। 

असदुद्दीन ओवैसी को पूरा हिंदुस्तान जानता है। इनके तल्ख तेवर सिर्फ हैदराबाद ही नहीं हिंदुस्तान के दूसरे हिस्सों में भी साफ-साफ सुनाई देते हैं। अब ओवैसी की नजर यूपी पर है, जहां करीब 20% मुस्लिम वोटर है। जो किसी भी पार्टी को सत्ता में भेजने और सत्ता से बेदखल करने की कुव्वत रखते हैं।

यूपी में मुस्लिम वोटरों की गोलबंदी के लिए ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन और मोहम्मद अयूब की पीस पार्टी के बीच डील करीब-करीब तय है। दोनों पार्टियों के बीच कई राउंड की बातचीत हो चुकी है। सब कुछ प्लानिंग के मुताबिक चला तो यूपी की 180 सीटों पर गठबंधन चुनाव लड़ेगा। जिससे दूसरे छोटी पार्टियां भी शामिल होंगी। 

पिछले यूपी चुनाव में पीस पार्टी के टिकट से 4 उम्मीदवार विधानसभा पहुंच पाए थे। तब पीस पार्टी ने महान दल और राष्ट्रीय एकता निषाद परिषद के साथ भी चुनावी गठबंधन किया था। अब यूपी की राजनीति में आकार लेते नए गठबंधन की नजर मुस्लिम वोटरों के साथ-साथ अति-पिछड़ा वोटरों पर भी है। ओवैसी सूबे में जय भीम-जय मीम का नारा बुलंद कर रहे हैं। तो पीस पार्टी सुप्रीमो मोहम्मद अयूब सूबे हर विधानसभा में अपने वोटरों को साधने में लगे हैं। 

सूबे के मुस्लिम वोटरों पर समाजवादी पार्टी और बीएसपी की पैनी नजर है। कांग्रेस भी मुस्लिम वोटरों से बड़ी उम्मीद पाले हुए है। ऐसे में राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अगर सूबे के मुस्लिम वोटर बंट गए तो फायदा बीजेपी को मिलना तय है।

यूपी में मुस्लिम वोटरों की गोलबंदी पर सूबे की सियासत में खलबली है। बीजेपी का मानना है कि ओवैसी का सीक्रेट प्लान उनके विकास के मुद्दे के सामने नहीं टिकेगा। वहीं, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अलग तर्क दे रही हैं। 

दूसरे राज्यों का दांव इस बार यूपी में चलने की तैयारी है। अगर ओवैसी का सीक्रेट प्लान कामयाब रहा तो यूपी के अखाड़े में ज्यादातर सीटों पर खेल बनाने और बिगाड़ने खेल ओवैसी और मोहम्मद अयूब की पार्टी करेगी?