जानें क्या है आब-ए-जमजम, क्यों माना जाता है इसे पवित्र?

मक्का (7 जुलाई): सऊदी अरब का एक प्रसिद्ध और प्राचीन कुआं है जमजम। न कभी इसका पानी सूखा और न खराब हुआ। मक्का के इस कुएं के पानी को आब-ए-जमजम कहा जाता है।

यह पवित्र धर्मस्थल काबा के पास स्थित है। जैसे हर हिंदू की अभिलाषा रहती है कि उसके घर में सदा गंगाजल रहे वैसे ही हर मुसलमान की यह हार्दिक इच्छा रहती है कि इस कुएं का पानी उसके घर में हो। इस कुएं की खासियत है कि इसका पानी कभी नहीं सूखा।

सबसे बड़े आश्चर्य की बात है कि मीलों फैले रेगिस्तान में जहां सिर्फ रेत ही रेत है, वहीं यह कुआं लाखों लोगों की पानी की जरुरतों को पूरा करता है। मक्का और मदीना के लोग तो इसका पानी लेते ही हैं, हज के समय हर वर्ष वहां लाखों की तादाद में जाने वाले यात्रियों की जल की आवश्यकता भी यही कुआं पूरी करता है।

यह भी देखा गया है कि आमतौर पर कुओं में कई जीव और वनस्पति पनप जाते हैं। कुओं में शैवाल हो जाते हैं जिससे कुएं के पानी में स्वाद और गंध की समस्या पैदा हो जाती है लेकिन जमजम के पानी में किसी तरह कोई चिह्न भी नहीं मिला।