वर्ल्ड टी-20 जीतने वाली वेस्टइंडीज है 'बुजुर्ग टीम', टूर्नामेंट से पहले तय नहीं थे प्लेयर्स

नई दिल्ली(4 अप्रैल): क्रिकेट का सबसे छोटा फॉर्मेट टी-20 को युवाओं का खेल कहा जाता है। इसमें उम्रदराज क्रिकेटरों का कोई स्थान नहीं हैं। 20 ओवर के इस खेल में खिलाड़ी के फिटनेस का असली टेस्ट होता है। लेकिन क्रिकेट समीक्षकों की इस बात को वेस्टइंडीज टीम ने गलत साबित कर दिया है।

वर्ल्ड टी-20 2016 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उतरी वेस्टइंडीज टीम के 11 खिलाड़‍ियों में से केवल तीन की उम्र ही 30 वर्ष से कम थी। कप्तान डेरेन सैमी की इस 'बुजुर्ग टीम' ने युवा इंग्लैंड टीम को खेल के हर मोर्चे पर मात दी। 

ओपनर बल्लेबाज चार्ल्स थे प्लेइंग इलेवन में सबसे युवा खिलाड़ी

वर्ल्ड कप फाइनल में इंडीज टीम की जो एकादश उतरी, उसमें आंद्रे रसेल (उम्र 27साल 340 दिन ), कार्लोस ब्रेथवेट (उम्र 27साल 260 दिन ) और जॉनसन चार्ल्‍स (उम्र 27साल 80  दिन ) ही 30 वर्ष से कम के थे। टीम के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी थे, गेल की उम्र 36 वर्ष पार कर चुकी है।

टूर्नामेंट में सबसे कामयाब गेंदबाजों में शामिल सैमुअल बद्री 35 वर्ष के हो चुके हैं।  टीम के अन्य खिलाड़‍ियों पर नजर डालें तो भारतीय टीम के खिलाफ धमाका करने वाले लेंडल सिमंस, सैमुअल्स, दिनेश रामदीन, ड्वेन ब्रावो, डेरेन सैमी और सुलेमान बेन की उम्र भी 31 वर्ष से अधिक है। बेन  (34 साल, 256 दिन) तो गेल और बद्री के बाद टीम के तीसरे सबसे बुजुर्ग खिलाड़ी हैं।

तीस साल से ज्यादा उम्र के खिलाड़‍ियों का खास योगदान रहा

गौर करने वाली बात ये है कि टीम के प्रदर्शन में इन तीस साल से ज्यादा उम्र के खिलाड़‍ियों का खास योगदान रहा। टूर्नामेंट का पहला और एकमात्र शतक क्रिस गेल ने ही जड़ा। लेंडल सिमंस ने भारत के खिलाफ मैच में टीम को ऐसे वक्त पर जीत दिलाई जब गेल और मर्लोन सैमुअल्स के आउट होने के बाद हर कोई इसकी उम्मीद खो बैठा था। गेंदबाजी और फिल्डिंग में ब्रावो का प्रदर्शन शानदार रहा।

ऐन मौके पर मजबूत टीम उतारने में कामयाब रहे कप्तान डेरेन सैमी

टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खिलाड़ियों का वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के साथ अनुबंध विवाद था। अनुबंध विवाद के कारण टूर्नामेंट से ठीक पहले टीम संकट में पड गई थी और दोयम दर्जे की टीम उतारने की आशंका जताई जा रही थी। आखिर में 13 में से 12 खिलाड़ी बोर्ड की वित्तीय शर्तें मानने पर राजी हो गए।

ऐन मौके पर मजबूत टीम उतारने में कामयाब रहे कप्तान डेरेन सैमी ने टूर्नामेंट से पहले कहा था कि उनका लक्ष्य टी20 विश्व कप जीतकर कैरेबियाई प्रशंसकों में विश्वास बहाल करना है। सैमी ने कहा कि अगला टी20 विश्व कप 2020 में हैं और टीम के कुछ खिलाड़ी उसका हिस्सा नहीं होंगे लिहाजा यह काफी महत्वपूर्ण है।