कोलकाता महारैली: ममता के मंच पर विपक्ष एकजुट, BJP को हराने का बिगुल बजा

रमन कुमार, न्यूज 24, कोलकाता (19 जनवरी): कोलकाता में आज तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की महारैली है। ममता बनर्जी अपनी इस महारैली के जरिए जहां गैरबीजेपी दलों को एक मंच पर लाना चाहती हैं वहीं अपना शक्ति प्रदर्शन भी करना चाहती है। ममता बनर्जी की इस रैली में आज कोलकाता में 20 दलों के नेता बीजेपी के खिलाफ एक मंच पर नजर आएंगे।

इस ‘संयुक्त विपक्षी रैली’ में अधिकतर गैर-एनडीए दलों के नेता शामिल हुए। हालांकि, बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी रैली से नदारद रहे लेकिन उनकी जगह पार्टी के वरिष्ठ नेता पहुंचे। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि रैली में विपक्षी एकता पर मुहर लगती है या नहीं।

- मोदी कह रहे थे न खाऊंगा और न खाने दूंगा लेकिन अंबानी को खिला रहे हैं- मल्लिकार्जुन खड़गे

सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है सरकार- चंद्रबाबू नायडू

मोदी-शाह की जोड़ी देश को बर्बाद कर देगी- केजरीवाल

जो जनता तय करेगी वही प्रधानमंत्री होगा- अखिलेश यादव

विपक्ष को एक होना है और एसपी-बीएसपी ने गठबंधन कर इसकी शुरुआत कर दी है- सतीश चंद्र मिश्रा

पीएम मोदी ने इमानदारी से देश की सेवा की है, शत्रुघ्न सिन्हा पर पार्टी फैसला करेगी- बीजेपी

- मई में होने वाले आम चुनाव देश के लिए दूसरा स्वतंत्रता संग्राम होगा- एमके स्टालिन

 

आज भारत खतरे में है, लोगों को धर्म के नाम पर बांटा जा रहा है, देश को बचाने के लिए कुर्बानी देने के लिए तैयार रहें, चोर मशीन है EVM, इसे खत्म करना चाहिए- फारूक अब्दुल्ला

- खतरे में देश की आजादी, नोटबंदी और जीएसटी ने देश की अर्थव्यवस्था को बर्वाद कर दिया, नौजवान बेरोजगार हैं- शरद यादव

 

प्रतिशोध की राजनीति कर रही है बीजेपी, एक नया भारत बनाएंगे, बीजेपी को भगाएंगे- अभिषेक मनु सिंघवी

राफेल इतना बड़ा घोटाला आजतक देश में नहीं हुआ- अरुण शौरी

- देश खतरनाक मोड़ पर खड़ा है, मोदी के खिलाफ विपक्ष का एक उम्मीदवार खड़ा हो- यशवंत सिन्हा

- यूपी ने इसे रैली नहीं रैला कहते हैं- जयंत चौधरी

- यह जनसैलाब एक ऐसी क्रांति लेकर आएगा जिसकी कल्पना नहीं की गई होगी- हार्दिक पटेल

- इस सरकार के शासन में संविधान को खत्म करने की कोशिश हो रही है- जिग्नेश मेवाणी

- बीजेपी की इस सरकार में दलितों और आदिवासियों का शोषण हो रहा है- हेमंत सोरेन

- ममता बनर्जी की इस रैली में एक पूर्व प्रधानमंत्री, तीन राज्यों के मुख्यमंत्री, 6 पूर्व मुख्यमंत्री और 5 पूर्व केंद्रीय मंत्री शामिल हो रहे हैं।

- ममता की महारैली में पूर्व PM से लेकर जुटे कई पूर्व मुख्यमंत्री

- आज कोलकाता में 20 दलों के नेता बीजेपी के खिलाफ एक मंच पर नजर आएंगे

- सोनिया, राहुल और माया नहीं होंगे शामिल

बताया जा रहा है कि 41 साल बाद कोलकाता में विपक्ष का इतना बड़ा जमावड़ा लग रहा है। 1977 में ज्योति बसु ने यहीं से कांग्रेस के खिलाफ बिगुल बजाया था। दावा किया जा रहा है कि कोलकाता के विशाल ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित इस महारैली में 40 लाख से ज्यादा लोग शामिल होगें। वहीं ममता बनर्जी का कहना है कि ये रैली भगवा पार्टी के कुशासन के खिलाफ संयुक्त लड़ाई का संकल्प है। बीजेपी के कुशासन के खिलाफ यह संयुक्त भारत रैली होगी। यह बीजेपी के लिये मृत्युनाद की मुनादी होगी। आम चुनाव में भगवा पार्टी 125 से अधिक सीटें नहीं जीत पाएगी।बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी की इस रैली में विपक्षी पार्टियों के कई बड़े नेता शामिल होंगे। हालांकि इस रैली से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और बीएसपी अध्यक्ष मायावती शामिल नहीं होंगी। राहुल और सोनिया को बुलाकर भी ममता बनर्जी ने पीएम पद के लिए अपना कद और दावा बढ़ाने का दांव चला था लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने रैली से दूरी बना ली। मल्लिकार्जुन खड़गे को दूत बनाकर भेज दिया गया है और राहुल गांधी ने चिठ्ठी के जरिए जता दिया है कि मोदी विरोधी चेहरे का चैंपियन वो इतनी आसानी से किसी और को नहीं बनने देंगे। वहीं बीएसपी की ओर से सतीश मिश्रा इस रैली में शामिल होंगे।उनके अलावा जिन अन्य नेताओं ने यहां आने की पुष्टि की है उनमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच.डी.कुमारस्वामी शामिल हैं। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, शरद यादव, भी मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही कई और दलों के नेताओं के रैली में शामिल होने की उम्मीद है। वहीं एनसी से फारुक और उमर अब्दुल्ला,  जेएमएम के हेमंत सोरेन, गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल, एससी-एसटी नेता जिग्नेश मेवाणी, आरएलडी से जयंत चौधरी, पूर्वोत्तर से गेगांग अपांग और  लालधुवहावमा। बीजेपी में रहते हुए मोदी के खिलाफ मुखर रहने वाले शत्रुघ्न सिन्हा हों, यशवंत सिन्हा या अरुण शौरी किस-किस को ममता ने नहीं बुलाया है।