पश्चिम बंगाल के बाद महाराष्ट्र से दिल्ली तक डॉक्टरों की हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा असर

STRIKEन्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (14 जून): पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं का संकट गहराता जा रहा है। हड़ताल की आंच अब दिल्ली तक भी पहुंच गई है और दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने भी आज मेडिकल सेवाएं बंद रखने का फैसला किया है। हड़ताल के चलते मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और ठीक तरह से इलाज न मिलने से मरीजों की तबीयत भी बिगड़ रही है। वहीं आपातकालीन सेवाएं भी चरमरा सी गई हैं। कल पश्चिम बंगाल के हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काम पर लौटने के निर्देश को मानने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा संबंधी मांग जब तक पूरी नहीं हो जाती तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

राजधानी दिल्ली में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (DMA) ने हड़ताल बुलाई है, जिसका असर AIIMS जैसे बड़े अस्पतालों में देखने को मिलेगा। इसके अलावा मुंबई में भी डॉक्टरों ने काम करने से इनकार कर दिया है। मुंबई के डॉक्टरों का कहना है कि वह साइलेंट प्रोटेस्ट करेंगे। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं। बंगाल की घटना के बाद गुरुवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान  के डॉक्टरों ने पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया और 14 जून को हड़ताल पर जाने की बात कही। ऐसे में दिल्ली में भी आज आपको डॉक्टर मरीजों का इलाज करते नहीं बल्कि प्रदर्शन करते दिख सकते हैं। मामला इतना बढ़ गया है कि अदालत तक पहुंच गया है, हड़ताल को लेकल कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसपर आज सुनवाई होनी है।

डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। ममता बनर्जी ने इसे बीजेपी की साजिश बताते हुए कहा है कि बीजेपी डॉक्टरों को भड़का रही है। बीजेपी बंगाल को सांप्रदायिक माहौल में झोंकना चाहती हैं।