पश्चिम बंगालः ममता के खिलाफ जीजेएम का हिंसक हुआ प्रदर्शन, सेना तैनात

नई दिल्ली ( 8 जून ): पश्चिम बंगाल में स्कूलों में बंगाली पढ़ाए जाने को अनिवार्य किए जाने के फैसले के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन हिंसक हो गया है। स्थिति पर नियंत्रण के लिए आर्मी तैनात की गई है।


गुरुवार को गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दौरे के समय उनका विरोध करते हुए जुलूस निकाला और आरोप लगाया कि राज्य सरकार दार्जिलिंग के सरकारी स्कूलों में बंगाली थोपने का प्रयास कर रही है।


जीजेएम के समर्थकों ने पार्टी प्रमुख बिमल गुरूंग के नेतृत्व में जुलूस निकाला और ममता वापस जाओ जैसे नारे लगाए। जीजेएम ने दार्जिलिंग हिल्स इलाके में अनिश्चितकालीन बंद की भी घोषणा की है। जीजेएम राज्य सरकार के उस फैसले का विरोध कर रही है जिसमें सरकारी स्कूलों में बंगाली भाषा को पढ़ाया जाना जरूरी कर दिया गया है।


बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने स्थिति पर नियंत्रण के लिए आर्मी की मदद मांगी थी। राज्य सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने आर्मी की दो टुकड़ियां भेजी हैं ये दोनों टुकड़ियां दार्जिलिंग स्थित सेना के बेस की हैं। हर टुकड़ी में 80 जवान हैं। दूसरी ओर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।


गौरतलब है कि पूरे बंगाल के स्कूलों में बंगाली पढ़ाए जाने को अनिवार्य किए जाने और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दौरे के खिलाफ गोरखा जनमुक्ति मोर्चा पूरे पहाड़ी इलाके में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रही है।


गोरखा जनमुक्ति मोर्चा की मांग है कि नेपाली को भाषा के रूप में पढ़ाया जाए या जरूरत हो तो हिंदी पढ़ाया जाए, लेकिन गोरखा जन मुक्ति मोर्चा ममता के निर्णय के बिल्कुल खिलाफ है। जीजेएम के हजारों समर्थकों काले झंडों के साथ सड़कों पर उतर आए हैं।