आभूषण कारीगर बना अरबपति, खाते में जमा हुए करोड़ों

नई दिल्ली ( 25 दिसंबर ): नोटबंदी के बाद पेशे से एक गहना कारीगर सरजू राव राजाराम रातोंरात अरबपति हो गया। अचानक अरबपति होने के बाद उसका और उसके परिवार की जहां खुशी का कोई ठिकाना नहीं है वहीं इसे लेकर थोड़ी-बहुत घबराहट भी है। मूल रूप से महाराष्ट्र के सांगली जिले के पेड़ थाना क्षेत्र के वाशिंदा सरजू राव बीते चार सालों से अपने परिवार के साथ सिलीगुड़ी में रह रहे हैं। इन दिनों वह हाकिमपाड़ा में किराये के मकान में रहते हैं और 11 नंबर वार्ड के खुदीराम पल्ली के सब्जी मंडी स्थित एक स्वर्णाभूषण कारखाने में नौकरी करते हैं। वह सोने-चांदी के गहनें बनाने में काफी दक्ष हैं।

सरजू राव के अनुसार वे अपनी पत्नी मनीषा सरजेराव जाधव के साथ वर्ष 2013 में शहर के बैंक ऑफ इंडिया में संयुक्त खाता खुलवाए थे। उसके खाते में इन दिनों कुल 1 लाख 20 हजार रुपये की जमा राशि है। कल रात को वह दो हजार रुपये निकालने के लिए स्टेट बैंक के एटीएम में गया। लेकिन एटीएम से रुपये नहीं निकले बल्कि रसीद बाहर हुई। रसीद देखकर सरजू अवाक हो गये और रातों की नींद उड़ गयी।  उसके बाद वह दूसरे एटीम बैंक आॅफ इण्डिया में गया वहां भी उसे वही रसीद मिली। वजह रसीद में उनके बैंक अकाउंट में 99 करोड़ रुपये से भी काफी अधिक राशि जमा होने का बैलेंस दिख रहा था।

शनिवार को वह रसीद लेकर बैंक जाते लेकिन महीने का चौथा शनिवार होने की वजह बैंक बंद था। इसकी जानकारी उन्होंने सिलीगुड़ी थाना की पुलिस को भी दी है। यह खबर फैलने के साथ ही सरजू के परिचतों और शुभचिंतकों का उनसे मिलने का तांता लग गया।

बैंक ऑफ इंडिया के सिलीगुड़ी शाखा के वरिष्ठ अधिकारी लक्ष्मी महतो का कहना है कि ऐसे मामलों में बैंक ग्राहकों को अत्यधिक उत्सुक या फिर घबराने की जरूरत नहीं है। इस तरह के अधिकांश मामले तकनीकी गड़बड़ी की वजहों से होते हैं। आज महीने का अंतिम शनिवार होने की वजह से बैंक बंद है। इसलिए इस गड़बड़ी को आज दुरुस्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों की शिकायत करने पर कुछ देर बाद ही ग्राहकों के अकाउंट को वापस सही कर दिया जाता है।