सेक्रेटेरियल जॉब्स ख़त्म कर देंगे रोबोट्स, महिलाओं पर पड़ेगा ज़्यादा असर

नई दिल्ली (23 जनवरी): वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम ने नौकरियों के भविष्य पर एक रिपोर्ट जारी की है। जिसमें यह कहा गया है कि निकट भविष्य में वर्कप्लेस पर महिलाएं पुरुषों से ही नहीं बल्कि,ऑर्टीफिशियली इंटैलीजेंट मशीन्स के तौर पर टेक्नॉलॉजी से भी प्रतियोगिता कर रही होंगी।

ब्रिटिश अखबार 'द टेलीग्राफ' की रिपोर्ट के मुताबिक,  'इंडस्ट्री जेंडर गैप: वीमेन एंड वर्क इन फोर्थ इंडस्ट्रीयल रिवॉल्यूशन' रिपोर्ट के लिए दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के सबसे बड़े एम्प्लॉयर्स के शीर्ष मानव संसाधन अधिकारियों से संवाद किया गया। रीसर्चर्स ने उन्हें उनके उद्योग में नौकरियों और महिलाओं की प्रतिभागिता के बारे में साल 2020 तक होने वाले बदलाव की कल्पना करने के लिए कहा गया।

रिपोर्ट के लेखकों का कहना है, कि दुनिया एक नई चौथी औद्योगिक क्रांति के बीच है। आर्टीफीशियल इंटैलीजेंस, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, जेनेटिक्स और बायो-टैक्नॉलॉजी बड़े स्तर पर हस्तक्षेप करने वाली है। डब्ल्यूईएफ की वार्षिक विंटर मीटिंग डावोस में इसी सप्ताह हुई। जिसके मुताबिक, साल 2020 तक, 71 लाख लोगों को रोबोटिक्स बेमानी कर देंगे। इससे खासकर महिलाओं पर काफी असर पड़ेगा। 

हालांकि, हाउसहोल्ड कोर्स से कुछ महिलाओं के लिए घरेलू जीवन में होने वाले काफी तनाव से छुटकारा मिल जाएगा। वहीं, इसी ऑटोमेशन के जरिए में कार्यालय और प्रशासन संबंधी कामकाज में भी लोगों की जरूरत खत्म हो जाएगी। डब्ल्यूईएफ के मुताबिक, इससे सबसे ज्यादा कमी आएगी, आज से लेकर 2020 के बीच यह कमी 5 फीसदी हो जाएगी। ये परिवर्तन ठीक नहीं होगा, क्योंकि ऑफिस ऑफ नेशनल स्टेटिस्टिक्स (ओएनएस) की रिपोर्ट में पाया गया कि तीन चौथाई सैक्रेटरियल जॉब्स महिलाएं करती हैं।

जब टेक्नॉलॉजी इंडल्ट्री के क्षेत्र की बात करें तो यह और भी चिंताजनक है। इसमें केवल 17 फीसदी नौकरियां महिलाओं के पास हैं। इनमें से काफी संख्या प्रशासनिक भूमिकाओं में है। इससे अनुमान लगाना असंगत नहीं होगा कि भविष्य में एक रोबोट को टेक्नॉलॉजी के क्षेत्र में महिलाओं की तुलना में नौकरी देने में प्राथमिकता दी जाए।