कन्हैया ने जेएनयू पहुंच कर कहा- 'भारत से नहीं भारत में मांग रहे हैं आज़ादी'

नई दिल्ली (4 मार्च) : जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने जेल से रिहा होने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों को संबोधित किया। कन्हैया ने कहा कि जेएनयू को बदनाम करने की कोशिश की गई। सिस्टम से आजादी मांगना गलत है क्या? भूखमरी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से आजादी मांगना क्या गलत है? हम भारत से नहीं, भारत में आजादी मांग रहे हैं।

कोर्ट में चल रहे देशद्रोह के मामले पर कन्हैया ने कहा कि अभी मामला कोर्ट में है, इसलिए इसपर कुछ नहीं बोलूंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कन्हैया ने कहा कि हम भी सत्यमेव जयते कहते हैं। छात्रसंघ अध्यक्ष ने कहा कि जेएनयू पर हुआ हमला नियोजित था। जेएनयू को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

बता दें कि कन्हैया को 20 दिन पहले 'देशद्रोह' के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। तिहाड़ से रिहाई के बाद कन्हैया का विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर छात्रों एवं शिक्षकों ने स्वागत किया। कन्हैया के स्वागत में बड़ी तादाद में छात्र नारेबाजी कर रहे थे और हाथों में नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे। कन्हैया के पहुंचते ही अचानक स्ट्रीट लाइटें बंद हो गईं जिससे वहां अंधेरा छा गया, लेकिन छात्रों ने रोशनी का इंतजाम कर कन्हैया का स्वागत किया।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक दिन पहले ही कन्हैया को छह माह के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।