अंग्रेजीपंती से उमा भारती नाखुश, हिंदी के लिए उठाया ये बड़ा कदम

नई दिल्ली ( 20 जुलाई) :  केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने देश में अंग्रेज़ी के व्यापक इस्तेमाल पर नाखुशी जताई है।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक उमा भारती ने कहा कि ये शर्मनाक है कि आज़ादी के 68 साल बाद भी लोग अंग्रेज़ी भाषा के गुलाम हैं।

उमा भारती ने सरकारी दफ्तरों में हिंदी के इस्तेमाल पर ज़ोर दिया। उमा भारती ने कहा कि हम अंग्रेजी के जाल से निकल नहीं पा रहे हैं, ये मानसिक बीमारी है। इसका इलाज होना चाहिए।

उमा भारती ने हिंदी सलाहकार कमेटी की बैठक में ये बात कही। उमा भारती ने अधिकारियों को सलाह दी कि वे नोटिंग, एजेंडा और मीटिंग्स के मिनट तैयार करने में हिंदी का इस्तेमाल करें। उमा भारती ने कहा कि अंग्रेज़ी और हिंदी का इस्तेमाल तब ही किया जाए जब ये बहुत ज़रूरी हो।