लोग रह गए प्‍यासे, बहकर बर्बाद हो गया पानी

रोहित वालके, अहमदनगर (22 अप्रैल): चार दिन पहले न्यूज 24 पर हमने महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले की एक खबर दिखाई थी। खबर ये थी कि अहमदनगर के सूखा ग्रस्त इलाके में पुणे के कुकड़ी डैम से आ रही नहर के पानी पर धारा 144 लगी थी। बीच के गांववालों को पीने का भी पानी नहीं मिल रहा था। अब खबर आई है कि बीच में नहर तोड़ दी गई और लाखों लीटर पानी सूखी जमीन में बहकर बर्बाद हो गया।

दरअसल अहमदनगर जिले के चार तहसीलों में भयंकर जलसंकट है। इसके लिए पुणे के कुकडी डैम से 7 टीएमसी पानी इस नहर में छोड़ा गया था। ये पानी जरूरतमंदों तक पहुंचता इससे पहले ही बीच रास्ते में नहर तोड़ दी गई और पानी सूखे खेतों में जाकर बर्बाद होता रहा। नहर तोड़ने का आरोप इलाके के उन किसानों पर लग रहा है जिन्हें इस नहर से पानी लेने पर रोक थी।

इस इलाके के लोगों का आरोप था कि महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री राम शिंदे ने अपने इलाके में पानी ले जाने के लिए पूरी नहर पर धारा 144 लगा दी थी। अब उल्टा आरोप किसानों पर लग रहा है कि उन्होंने धारा 144 के बावजूद नहर तोड़कर पानी बहा दिया है। हैरानी की बात ये है कि सूबे के मंत्री पानी की बर्बादी के जिम्मेदार पर कार्रवाई की बात तो कह रहे हैं लेकिन टूटी नहर से बर्बाद हो रहे पानी को रोकने के लिए कई घंटों तक प्रशासन को कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा।

वीडियो:

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