दिल्ली की बुझेगी प्यास, हरियाणा रहेगा प्यासा!

नई दिल्ली (26 अप्रैल): गर्मी बढ़ने के साथ ही पीने का पानी का संकट भी गहराता जा रहा है। दिल्ली की प्यास बुझाने वाले हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज में भी पानी कम हो गया है। हालांकि दिल्ली को उसकी जरूरत का पानी मिलता रहेगा। इसके लिए दक्षिण हरियाणा को पानी की सप्लाई में कटौती की जाएगी।

दिल्ली और हरियाणा की प्यास बुझाने वाली यमुना खुद प्यासी हो चुकी है। बैराज के पास नदी का एक बड़ा इलाका सूख चुका है। बैराज में भी पानी का स्तर बेहद नीचे आ गया है। हालांकि इसका असर दिल्ली की सप्लाई पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक हरियाणा दिल्ली की जरूरत का पानी उसे मुहैया कराएगा। लेकिन इसके एवज में दक्षिण हरियाणा का इलाका प्यासा रहेगा। ये नौबत इसलिए आई है क्योंकि हथिनीकुंड बैराज में पानी का स्तर काफी नीचे जा चुका है।

इस बैराज का नाम हथिनीकुंड इसलिए पड़ा था क्योंकि यहां हमेशा सात हाथियों के डूबने लायक पानी रहता था। लेकिन आज नदी के घटते जलस्तर के बाद यहां नौबत ये है कि सिर्फ 1348 क्यूसेक पानी ही बचा है, जो कि 2500 क्यूसेक के करीब हुआ करता था। मौजूदा वक्त में यमुना नदी से मथुरा के लिए 352 क्यूसिक पानी देना ही है जबकि डब्ल्यूजेसी नहर जिस पर कई हाइडल है। 

उस नहर में 900 क्यूसेक पानी छोडा गया है, जबकि डब्ल्यूजेसी नहर में मुनक के पास से दिल्ली को पीने के लिए सिंचाई विभाग 765 क्यूसिक पानी ही दे रहा है। वहीं हरियाणा के हिसार में 231 ही बच रहा है। ऐसे में दक्षिण हरियाणा के लोगो के लिए आने वाले दिन काफी परेशानी वाले हो सकते है। क्योंकि हरियाणा के रेवाडी, भिवानी, नारनौल, महेंद्रगढ़ समेत कई ऐसे इलाके हैं जो यमुना के पानी से इलाकों में सिंचाई करते है और ऐसे में यमुना नदी में जब पानी ही नही रहेगा तो इन इलाको में पानी के लिए हाहाकार मचेगा।

फिलहाल भले ही हरियाणा प्यासा रहकर दिल्ली की प्यास बुझा रहा हो, लेकिन अगर यमुना का जलस्तर और गिरता है तो दिल्ली में भी पानी का संकट गहराने की आशंका है।