आने वाले समय में पानी होगा चुनावी मुद्दा: अमिताभ कांत

नई दिल्ली (5 सितंबर): नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमिताभ कांत ने एक ऐसा मुद्दा उठाया है, जिसके बारे में देश की राजनैतिक पार्टियों को जरूर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पानी एक अहम मुद्दा है और भविष्य में यह मुद्दा चुनावी राजनीति को प्रभावित करेगा।

उद्योग मंडल सीआईआई द्वारा आयोजित जल सम्मेलन में कांत ने कहा, ‘‘जल एक ऐसा मुद्दा है जो भविष्य में होने वाले चुनावी राजनीति को प्रभावित करेगा। जो सरकार जल का प्रबंधन नहीं करती, वह चुनाव हारेगी। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि जल को केंद्र में लाया जाए।’’ भूमिगत जल के अधिक दोहन पर उन्होंने कहा, ‘‘अगर उत्तर भारत, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली को देखें, हमारे पास कोई नियमन नहीं है। इसके कारण एक दशक में जल का अधिक दोहन हुआ है।’’

कांत ने सिंचाई में इस्तेमाल होने वाली बिजली आपूर्ति के लिये ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिये फीडर अलग किये जाने पर जोर दिया। कांत ने कहा,‘‘भारत एक ग्राम फसल उत्पादन के लिये चीन, ब्राजील और अमेरिका की तुलना में 2 से 4 प्रतिशत अधिक पानी की खपत करता है। इस लिहाज से ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ काफी महत्वपूर्ण है।