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सिंधु दर्शन में भारतीय सेना ने दिखाए तेवर, दुश्मन को आंख उठाना पड़ेगा महंगा

बात चाहे पाकिस्तान की हो या किसी भी दुश्मन देश की उसे करारा जवाब देने के लिए वायुसेना और थल सेना की स्ट्राइक कोर पूरी तरह तैयार है।

केजे श्रीवत्सन, न्यूज 24 ब्यूरो, जयपुर(18 नवंबर): बात चाहे पाकिस्तान की हो या किसी भी दुश्मन देश की उसे करारा जवाब देने के लिए वायुसेना और थल सेना की स्ट्राइक कोर पूरी तरह तैयार है। इसे लेकर थार के रेगिस्तान में दोनों ही सेना के जांबाज जवानों ने  300 किलोमीटर से भी ज्यादा के थार के रेगिस्तान में युद्धाभ्यास भी किया 

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। बार बार मुंह की खाने के बाद भी नए-नए पैतृक के जरिया भर है हिंदुस्तान की सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश करता रहता है। वायु सेना और थल सेना के संयुक्त अभियान में शामिल लोगों को स्ट्राइक और कहा जाता है जो कि दुश्मन को उसकी सही सीमा में घुसकर ना केवल खदेड़ दिया, बल्कि वहां अपना कब्जा भी जमा लेती है। कल्पना कीजिए कि यदि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की नौबत आती है तो किस तरफ से मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इसके लिए सबसे पहले संयुक्त युद्ध की रणनीति के तहत दुश्मन के उस इलाके में जमकर एयरफोर्स के विमान गोलीबारी कर मिसाइल और रॉकेट दागे जाते हैं, जिसे की कब्जे में लिया जाना है। इसे दुश्मन की आधी से ज्यादा ताकत ही नहीं खत्म हो जाती है अब बारी आती है हिंदुस्तान के बैंकों की जोकि 40 से 90 किलोमीटर की दूरी के बीच गोलाबारी करते हुए लगातार आगे बढ़ते जाते हैं।

भारत की सेना अब नये तोपों की ताकत से लैस है.हिन्दुस्तान के रक्षा बेड़े में  सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी गन सिस्टम  'के-9" तोप की ताकत को शुमार कर उसे "वज्र"नाम दिया गया है। अब दुश्मनों के लिए मौत का सामान साबित हो चुकी दक्षिण कोरिया की यह मीडियम रेंज तोप अब हमारे पास है, जो कि 38 KM तक तबाही मचा सकता है। इसी कारण इसे बोफोर्स के बाद स्ट्राइक कोर का गेम चेंजर भी कहा जा रहा है। दुश्मन के इलाके को चारों तरफ से घेरा जा चुका है ऐसे में दुश्मन के ध्यान को बताने के लिए एमआई -17 हेलीकॉप्टर के जरिए इन्फेंट्री चुपके जवानों को रस्सी के सारे दुश्मन के इलाके में उतारा जा रहा है, ताकि दुश्मन अपनी ताकत का एक बड़ा हिस्सा इस स्थिति से निपटने में भी लगा सके, लेकिन शायद वह बोल रहा है की बख्तरबंद गाड़ियां और तोप लगातार अपने लक्ष्य की ओर तुमसे तरफ से आगे बढ़ते जा रहे हैं। अब इन्फेंट्री की के जवान भी अत्याधुनिक हथियारों और रॉकेट लॉन्चर ओं की सहायता से दुश्मन के मुख्य ठिकाने की ओर तेजी से कदम बढ़ाते हुवे आगे बढ़ रही है। जब ये जवान दुश्मन के इलाके में आगे बढ़ते जा रहे है तब इनकी चील जैसी पैनी निगाहे दुश्मन की हर हरकत को बारीकी से समझ रही है। 

हेलीबोर्न के जरिए दुश्मन के इलाके में उतरते ही यह लोग अलग अलग दिशाओं में जाकर अपने आप को छुपा लेते हैं और कमांडर के अगले आदेश का इंतजार करते हैं दुश्मन के किसी खास ठिकाने को तबाह करने या फिर किसी बड़े अवरोध को दूर करने के लिए यह हेलीबोर्न कराया जाता है। दुश्मन के इलाके में भी घुसा जा चुका है, उसके ठिकाणे को भी बड़े लेवल पर तबाह किया जा चुका है, लेकिन इस पूरी कवायद का आखिरी मकसद दुश्मन के उस ठिकाने पर कब्जा करना है तो उसे पूरी तरह तोड़ कर रख दे। युद्धाभ्यास के इस कल्पनिक ठिकाने पर अपने आखिरी औऱ सबसे मजबूत कार्रवाई के तहत कन्फेंट्री कॉम्बेक्त व्हीकल और टी-72 टैंको के जरिये एक साथ आक्रमण करके एक साथ उसके ठिकाने को घेरा जाता है, जिस पर कब्ज़ा करना है। लेकिन यहां पर भले ही तोपखाने और वायु सेना की मदद से दुश्मन की ताकत को पूरी तरह कमजोर कर दिया गया, लेकिन वहां पर मौजूद सैनिक और बचे कुचे हथियार अभी खतरा साबित हो सकते हैं।

 ऐसे में पहले उस ठिकाने से जुड़ी कुछ खुफिया जानकारी जुटाने के लिए इन बख्तरबंद गाड़ियों में मौजूद इन्फेंट्री के जवानों को भेजा जाता है और किसी भी कार्यवाही को अंजाम देने से पहले 10 को के आसपास दोहे का सफेद गुब्बार बना दिया जाता है ताकि यदि दुश्मन अपनी ओर से घात लगाकर हमला करें तो उसे तुम्हें के चलते सटीक जगह निशाना नहीं लगा सके साथी उसे इस बात की भी भनक ना पढ़ सके कि 10 को में कितने जवान बैठकर आए और किस तरह के हथियार अपने साथ उसके ठिकाने को कब्जे में लेने के लिए लाए हैं।

दुश्मन के ठिकानों पर ओर्डर लेकिन सधी हुवी जीत की कार्यवाही इन दिनों थार के रेगिस्तान में चल रही सिंधु सुदर्शन युद्धाभ्यास के तहत सदर्शन र्चक्र स्ट्राइक कॉर्प्स के 40 हज़ार जवानों द्वारा किया जा रहा हैओ। हमने अभी आपको दुश्मन के खिलाफ सटीक कार्रवाई का एक ही पहलू बताया है लेकिन सोच कर देखिए की हिंदुस्तान की सेना ने जिस तरीके से यान दमखम दिखाया है यदि अपनी बाकी रणनीति को लेकर भी पूरी ताकत से इसी तरह आगे बढ़ती है तो दुश्मन के लिए महाकाल बन चुके हिन्दुस्तान कि इस ताकत के आगे  पाकिस्तान कहाँ और कैसे टिक पाएगा। 

All Image Source Google

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