इस शख्स ने बनाई 'मोदी' बाइक, खासियत जानकर हो जाएंगे दंग

नई दिल्ली(1 सितंबर): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात देश के करोड़ो लोग हर बार सुनते है, लेकिन मन की बात को दिल से लगाकर मेरठ के एक नौजवान ने इतिहास रच दिया है। मेरठ की तंग गलियों वाली बस्ती में रहने वाले ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के जीनियस छात्र ने एक ऐसी इलैक्ट्रिक बाइक बना डाली है जो सौ किलोमीटर प्रति घण्टा की रफ्तार से फर्राटा भरती है। मोदी के प्रेरणा से बनाई गई इस बाइक का नाम भी उसने मोदी यानी मोड ऑफ डेवलपिंग इंडिया रखा है। 

- वकार अहमद मेरठ की तंग गलियों में रहते हैं। संसाधनों की बेहद कमी वाले इनके इलाके को लोग मलिन बस्ती कहते हैं, लेकिन सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले वकार के जुनून ने उन्हें समाज के लिए एक मिसाल बना दिया है। पढ़ाई में वकार काफी जीनीयस हैं। आभाव में पले वकार इसी गरीब बस्ती से निकलकर  दिल्ली के प्रतिष्ठित आईआईटी के टॉपर बने। वकार ने कभी अपने ऊपर आर्थिक तंगी का दबाव हावी नहीं होने दिया। हौसले और टैलेंट के दम पर समाज में एक मिशाल कायम करते रहे। नए आईडिया पर काम करना वकार के लिए एक चुनौती रहा है। इसी लिए जब तीन साल पहले मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी ने जब मेक इन इंडिया का नारा दिया और युवाओं को देश के लिए कुछ कर गुजरने की अपील की तो वकार ने इसे चुनौती बना लिया।

- इस बाइक की स्पीड़ भी 100 किलोमीटर प्रति घंटा है। 

- कई पुर्जों को जुटाकर बनाई गई ये बाइक महज 72 हजार के खर्चे में तैयार हो गई।

- वकार की बाइक में ऐसी कई खूबिया हैं जो विदेशी बाइकों में लाखों रुपये खर्च करने पर ही मिलती हैं। 2 महीनों की कड़ी मेहनत के बाद वकार ने इस वाइक में ऐसे फीचर्स डाले हैं जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। 

- यह बाइक कार की तरह रिवर्स में भी आसानी से दौड़ सकती है।

- इसमें पावर बाइक्स की तरह चेन के बजाय बेल्ट का इस्तैमाल किया गया है। 

- इसमें रि-जेनरेटरेबिल मोटर लगाया गया है जिससे मोबाइल और लैपटॉप भी चार्ज किये जा सकते है। 

- इस बाइक से किसी तरह का प्रदूषण भी नहीं फैसला है। खास बात ये है कि इस बाइक का मैन्टीनेंस जीरो है, एक एप की मदद से घर में ही इसकी सर्विस की जा सकती है। 

- इस बाइक में ड्राई बैटरी सेल लगाई गई है। जो महज 3 घंटे में चार्ज हो जाती है। 

- एक बार चार्ज होने के बाद सौ किलोमीटर तक यह बाइक चलती है। वकार की मेहनत और सफलता एकबार फिर ये साबित करती है कि लक्ष्य को हासिल करने में मुश्किलें जरुर आती है।