डोकलाम गतिरोध ने भारत-चीन संबंधों को पहुंचाई गंभीर क्षति: चीन

नई दिल्ली ( 13 दिसंबर): विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि डोकलाम गतिरोध का भले ही कूटनीतिक माध्यम से हल निकाल लिया गया था लेकिन, इसके कारण भारत-चीन संबंधों पर काफी गहरा दबाव था। यह बात उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ बैठक में कही। वांग ने सुषमा से कहा कि भारतीय सीमा पर तैनात सैनिक जून में 'अवैध रूप से' जब चीनी क्षेत्र में घुस गए तो द्विपक्षीय संबंधों पर इसका बुरा असर हुआ। 

चीन के विदेश मंत्री रूस-भारत-चीन (RIC) के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आए थे। वांग ने कहा कि गतिरोध भले ही कूटनीतिक माध्यमों से 2 महीने बाद खत्म हो गया लेकिन इससे सबक सीखा जाना चाहिए और भविष्य में इस तरह की घटना से बचने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। उनके बयान मंगलवार को चीन के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए। 

वांग ने कहा, गतिरोध से द्विपक्षीय संबंधों पर गहरा दबाव बन गया था। उन्होंने कहा कि चीन-भारत के संबंध महत्वपूर्ण दौर में हैं और दोनों देशों को वास्तव में परस्पर विश्वास बढ़ाना चाहिए। डोकलाम में 73 दिनों तक चले गतिरोध के बाद चीन के किसी शीर्ष नेता की नई दिल्ली की यह पहली यात्रा थी।