फॉक्सवेगन बनी दुनिया की सबसे बड़ी कार कंपनी

जर्मन कार कंपनी फॉक्सवेगन ने जापानी कार कंपनी टोयोटा को पीछे छोड़ दुनिया की सबसे बड़ी कार कंपनी का खिताब अपने नाम कर लिया है। फॉक्सवेगन पिछले कुछ समय से कार्बन उत्सर्जन स्कैंडल का सामना कर रही है, इसके बावजूद भी कंपनी ने दुनियाभर में सबसे ज्यादा कारें बेचकर टॉप पोजिशन हासिल की है।

इससे पहले भी साल 2011 में जापान में आई सुनामी की वजह से टोयोटा ने नंबर एक का खिताब गंवाया था लेकिन साल 2012 में यह फिर से पहले पायदान पर लौट आई थी। टोयोटा के मुताबिक साल 2016 में उसकी दुनियाभर में 1.01 करोड़ कारें बिकीं, 2015 की तुलना में इस बार कंपनी की ग्रोथ में 0.2 फीसदी का इज़ाफा हुआ है, वहीं फॉक्सवेगन के मुताबिक पिछले साल उसकी 1.03 करोड़ कारें बिकी हैं, फॉक्सवेगन ने 2015 की तुलना में बीते साल 3.8 फीसदी की ग्रोथ हासिल की है।

फॉक्सवेगन को सबसे ज्यादा ग्रोथ चीन में मिली है। चीन की सरकार ने कम इंजन क्षमता वाली कारों पर टैक्स कम कर दिया है, और चीन में फॉक्सवेगन की मांग बढ़ने का यही अहम कारण है। स्वीडन में पिछले 50 सालों से वोल्वो का दबदबा था, लेकिन बीते साल वहां भी फॉक्सवेगन की गोल्फ ने सबसे ज्यादा बिक्री के आंकड़े जुटाए। अमेरिका में भी टोयोटा की मांग घटी है, वहां टोयोटा की सबसे लोकप्रिय कार कैमरी की मांग कम रही।

जनरल मोटर्स ने फिलहाल 2016 में बेची गई कारों को ब्यौरा नहीं दिया गया है, यह टोयोटा और फॉक्सवेगन को पीछे छोड़ेगी या नहीं, इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। साल 2011 में जनरल मोटर ने नंबर एक पोजिशन हासिल की थी, और साल 2015 में जनरल मोटर तीसरे नंबर पर रही थी।

बात करें भारतीय कार बाजार की तो यहां फॉक्सवेगन ग्रुप के ऑडी, स्कोडा और फॉक्सवेगन ब्रांड सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, वहीं जनरल मोटर्स का केवल शेवरले ब्रांड ही यहां पॉपुलर है। जल्द ही यहां टोयोटा का लग्ज़री ब्रांड लेक्सस भी दस्तक देने वाला है।

कारदेखो

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