होली विशेषः जिनकी जिंदगी हो चुकी थी बेंरंग उन्होंने खूब खेली रंगो से होली

नई दिल्ली (13 मार्च): जिन के जीवन के रंग बरसों पहले बेरंग हो गये थे, जो सालों से बदरंग गुजर-बसर कर रहीं थीं उन्होंने वृंदावन में होली खेली। इन महिलाओं ने सदियों पुरानी पंरपराओं को तोड़ते हुए फूलों और गुलाल से होली खेली। 

सफेद साड़ी में कुम्हलाई हुई काया, चेहरे पर झुर्रियां और झुकी हुई कमर, विधवाओं की नजर जब रंग-बिरंगे फूलों की पंखुड़ियों और गुलाल पर पड़ी तो चेहरे पर होली की उमंग और खुशी आंखों में झलक रही थी। नंदगांव और बरसाना की होली के बाद वृंदावन में इन विधवाओं की होली को कैमरे में कैद करने के लिए बड़ी संख्या में विदेशी मौजूद थे।