राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में चढ़ा सिसायी पारा, ये है यूपी का पूरा गणित

नई दिल्ली (10 जून): राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव की सियासी गर्मी के बीच आज परिषद की 13 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। भाजपा ने अपने विधायकों की संख्या बल से अधिक दो प्रत्याशी उतार दिए हैं।

यूपी विधान परिषद की 13 सीटों पर कुल 14 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें एसपी के 8, बसपा के 3, बीजेपी के 2 और कांग्रेस का 1 उम्मीदवार है। भाजपा के 41 विधायक हैं। लेकिन उसने दूसरे प्रत्याशी के रूप में दयाशंकर सिंह को उतारकर मतदान की नौबत ला दी है। बीजेपी की रणनीति से एसपी, कांग्रेस और बीएसपी खेमे में खलबली है। दूसरे दलों में सेंधमारी के प्रयास हो रहे हैं।

यूपी विधान परिषद में यशवंत सिंह, बुक्कल नवाब, राम सुंदर दास निषाद, बलराम यादव, जगजीवन प्रसाद, शतरूद्र प्रकाश, कमलेश पाठक और रणविजय सिंह समाजवादी पार्टी से मैदान में हैं। वहीं अतर सिंह राव, दिनेश चंद्र और सुरेश कश्यप बसपा से और भूपेन्द्र चौधरी और दयाशंकर सिंह भाजपा से तथा दीपक सिंह कांग्रेस के प्रत्याशी हैं।

बता दें कि प्रदेश विधानसभा में 403 सीटें हैं। सपा के 229, बसपा के 80, भाजपा के 41 और कांग्रेस के 29 विधायक हैं। बसपा ने राज्यसभा के लिए दो उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। जीत के लिए हर प्रत्याशी को 34 मतों की जरूरत होगी। इस प्रकार बसपा के पास 12 अतिरिक्त वोट बचेंगे। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 12 वोटों के साथ बीएसपी किसका समर्थन करती है।

कांग्रेस के 29 विधायक हैं तो उसके पास पांच वोट कम हैं। आठ विधायकों वाली रालोद कांग्रेस के समर्थन में वोट करती है तो सिब्बल की जीत तय है। सपा ने सात उम्मीदवार उतारे हैं लेकिन उसके सातवें उम्मीदवार के पास प्रथम वरीयता वाले नौ वोट कम हैं। भाजपा ने एक प्रत्याशी उतारा है जिसकी जीत तय है। समाजसेवी प्रीति महापात्रा बतौर निर्दलीय प्रत्याशी उतरी हैं।