अब वोटरों को नहीं धमका पाएंगे कैंडिडेट

नई दिल्ली (29 अगस्त): चुनाव प्रक्रिया को ज्यादा बेहतर बनाने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। बूथ स्तर पर किसने किसे वोट दिए, इस राज को राज ही बनाए रखने और मतदाताओं को किसी किस्म के उत्पीड़न से बचाने के लिए चुनावों के बूथवार नतीजे घोषित करने की परंपरा को बंद कर दिया जाए।

इस पहल के तहत, 'टोटेलाइजर मशीनों' का इस्तेमाल किया जाएगा। इन मशीनों के जरिए हर चुनाव क्षेत्र में विभिन्न ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) में दर्ज वोटों को आपस में मिक्स कर दिया जाएगा। ऐसा होने पर वोटरों को चुनाव पूर्व धमकाए जाने, चुनाव के बाद परेशान किए जाने या वोटिंग पैटर्न के आधार पर प्रत्याशियों के वोटरों से बदला लेने या उन्हें फायदा पहुंचाने की कोशिशों को रोका जा सकेगा।

इस प्रस्ताव को सबसे पहले चुनाव आयोग ने 2008 में पेश किया था। ईवीएम से पहले जब मतपत्रों के जरिए भी वोटों की गिनती होती थी तो उन्हें आपस में मिक्स कर दिया जाता था। बूथवार वोटिंग पैटर्न जानकर प्रत्याशी या पार्टियां वोटरों को धमका न सकें, इसके लिए यह व्यवस्था की गई थी।