पूर्णिया में जुलूस के दौरान थाने पर हमला, फूंकी पुलिस की गाड़ियां

पूर्णिया (8 जनवरी): बिहार के पुर्णिया में कमलेश तिवारी द्वारा पैगंबर मोहम्मद के बारे में की गई कथित विवादित टिप्पणी को लेकर जमकर बवाल हुआ है। मालदा की घटना के बाद कल पूर्णिया में भी एक गुट के लोग जुलूस निकाल रहे थे इसी दौरान हिंसा भड़क उठी। मिली जानकारी के अनुसार लगभग 500 उपद्रवियों ने थाने की कई गाड़ियों को तोड़ डाला।

जुलूस का नेतृत्व बायसी के पूर्व विधायक मो. रुकनुद्दीन कर रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही इन्हें नियंत्रित करने के लिए पहुंची पुलिस पर भी पथराव किया हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी पंकज कुमार पाल बायसी थाना पहुंचे और हालात का जायजा लिया। डीएम ने कहा कि जिन लोगों ने घटना को अंजाम दिया है, उनकी पहचान कर ली गई है और उन पर कार्रवाई की जाएगी।

क्यों भड़की हिंसा हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी द्वारा पैगंबर मोहम्मद के बारे में की गई कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में निकाली गई मुस्लिमों की रैली अचानक हिंसक हो गई। इससे पहले पश्चिम बंगाल के मालदा में  भी तिवारी के खिलाफ रैली का आयोजन किया गया था जिसमें लगभग 2.5 लाख मुसलमान शामिल हुए थे। इससे पहले भी देश के कई हिस्सों यथा भोपाल, मुजफ्फरनगर, महाराष्ट्र आदि में कमलेश तिवारी के विरोध में प्रदर्शन हो चुके हैं।

तिवारी ने क्यों दिया बयान दरअसल, 29 नवंबर को यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने कथित तौर पर राष्‍ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में कुछ आपत्‍त‍िजनक टिप्‍पणी की। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी प्रतिक्र‍िया में ही तिवारी ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में कथित टिप्‍पणी की।

पहली बार कहां हुआ विरोध   तिवारी के बयान पर पहली प्रतिक्रिया स्‍वरुप 2 दिसंबर को सहारनपुर के देवबंद में एक बड़ा प्रदर्शन हुआ। इसमें दारूल उलूम के स्‍टूडेंट्स शामिल हुए। मुसलमानों में फैले गुस्‍से के मद्देनजर तिवारी को 2 दिसंबर को अरेस्‍ट कर लिया गया। वह फिलहाल जेल में हैं।