आईडिया और वोडाफोन की नई कंपनी पर कर्ज का कोई प्रेसर नहीं!

नई दिल्ली (5 जून): टेलिकाॅम सेक्टर में इन दिनों लगतार कम्पटीशन बढ़ता जा रहा है। कंपटीशन बढ़ने की वजह से आए दिन सारी कंपनियां नए-नए आॅफर लाॅन्च कर रही हैं। लेकिन इसी बीज वोडाफोन इंडिया और आइडिया को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है।वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के मर्जर के बाद बनने वाली नई कंपनी पर कर्ज का दबाव नहीं होगा। ब्रोकरेज फर्म सिटी रिसर्च का मानना है कि टेलिकॉम सेक्टर में कॉम्पिटीशन कम होगा जिससे प्राइसिंग में बढ़ोतरी होगी, रेवेन्यू में तेजी आएगी और कैश फ्लो मजबूत होगा।सिटी रिसर्च ने एक रिपोर्ट में बताया कि सब्सक्राइबर्स के 4G की ओर बढ़ने से टेलिकॉम कंपनियों का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर बढ़ेगा और इससे वोडाफोन और आइडिया के मर्जर के बाद बनने वाली देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी के रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी।हालांकि जानकार मानते हैं कि इस कंपनी को मार्केट शेयर का कुछ नुकसान हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्केट शेयर के सामान्य होने और टेलिकॉम कंपनियों का नेटवर्क का इस्तेमाल बेहतर होने के बाद नई कंपनी के रेवेन्यू में तेजी आएगी।सिटी रिसर्च का अनुमान है कि नई कंपनी के पास फाइनैंशल इयर 2024 में कम से कम 30 पर्सेंट का रेवेन्यू मार्केट शेयर होगा। हालांकि, मर्जर के बाद यह शेयर लगभग 37 पर्सेंट होने की उम्मीद है।लेकिन इस कंपनी का रेवेन्यू फाइनैंशल इयर 2019 से 2024 के बीच 2 पर्सेंट के CAGR से बढ़ सकता है। इसके अलावा इसका ARPU फाइनैंशल इयर 2020 में 103 रुपये से बढ़कर 123 रुपये हो जाएगा।