'मोदी को PM घोषित करने वाली मीटिंग में आडवाणी को शामिल नहीं होने दिया'

नई दिल्ली (23 जुलाई): सितंबर 2013 में बीजेपी के संसदीय बोर्ड की जिस बैठक में नरेंद्र मोदी को पार्टी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया। उस बैठक में शामिल होने के लिए वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी तैयार थे। लेकिन लोगों ने उन्हें उनके घर पर ही रोक दिया था।

- रिपोर्ट के मुताबिक, यह दावा किया है, आडवाणी के सहायक रह चुके विश्वंभर श्रीवास्तव ने। - रिपोर्ट के मुताबिक, ‘आडवाणी के साथ 32 साल’ नाम की अपनी किताब के विमोचन के मौके पर श्रीवास्तव ने यह दावा किया।  - यह किताब देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री आडवाणी के साथ श्रीवास्तव के तीन दशक पुराने संबंधों का संस्मरण है।  - किताब के विमोचन समारोह में बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व विचारक के एन गोविंदाचार्य भी शामिल थे।

- हालांकि, आडवाणी के दफ्तर ने गुरुवार को जोर देकर कहा कि इस किताब के लिए उनकी सहमति नहीं दी गई है।

- आडवाणी की इच्छा के खिलाफ इसे प्रकाशित किया गया है।