इस तकनीक से 'जिंदा' हुए सरदार पटेल

नई दिल्ली ( 2 नवंबर ) : देश के पहले गृह मंत्री और आयरन मैन सरदार पटेल ने के बंटवारे के समय बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरदार वल्लभभाई पटेल ने आजादी के बाद किस तरह तमाम रियासतों को साथ लाकर भारत के एकीकरण में अहम भूमिका निभाई, दिल्ली के नेशनल साइंस सेंटर में यह जानकारी लोगों को वर्चुअल तरीके से दी जा रही है। खास बात यह है कि यहां सरदार पटेल की ऐसी 3-D प्रतिमा बनाई गई है जिसके जरिए लोग उन्हें अपने बीच मौजूद किसी 'जिंदा' इंसान की तरह महसूस कर पा रह हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए इस खास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया था।

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन द्वारा तैयार की गई इस प्रदर्शनी में सरदार पटेल से जुड़ी लगभग 30 चीजों को प्रदर्शित किया गया है और डिजिटल तरीके से आजाद भारत के एकीकरण में उनकी भूमिका को विस्तार से बताया गया है। प्रदर्शनी की देखरेख करने वाले अनुराग कुमार ने कहा, हमने चार फिल्में बनाई हैं और कई मल्टीमीडिया टर्मिनल तैयार किए हैं जिनके जरिए सरदार पटेल की जिंदगी के बारे में यहां आने वाले लोगों को जानकारी दी जा रही है।

नेशनल साइंस सेंटर के निदेशक राम सरमा ने कहा, इस प्रदर्शनी में इस्तेमाल की गई तकनीक इस तरह के आयोजन के लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा, पहली बार यहां ग्लास-लेस 3D फिल्में दिखाई जा रही हैं जो यह प्रदर्शित करती हैं कि किस तरह पटेल ने अपनी कूटनीतिक क्षमताओं का इस्तेमाल कर सभी रियासतों को भारत में शामिल करवाया।