''मैच से पहले सहवाग को नींद से जगाना पड़ता था''

नई दिल्ली ( 25 नवंबर ): भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने कहा कि दिल्ली के तूफानी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग मैदान के बाहर अपने अस्तित्व से अनजान था।  

गांगुली ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'मैं बड़े आराम से काम करने वाला शख्स हूं लेकिन जब मैं 2000 में कप्तान बना, तब मुझे लगा की इस टीम को चीजें दूसरी तरह से करनी होगी। भारतीय होने के नाते हम आराम पसंद इनसान हैं।' 

पूर्व कप्तान ने कहा, 'मेरी टीम में सहवाग था, जो मेरी नजरों में सुनील गावसकर के बाद भारत के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट सलामी बल्लेबाज हैं, लेकिन मैदान के बाहर एक इंसान के तौर पर वह जानते ही नहीं थे कि उनका भी कोई अस्तित्व है। वह सोते रहते थे और आपको टेस्ट मैच से पहले उन्हें बार-बार जबरदस्ती करते हुए जगाना पड़ता था।' 

गांगुली जब भारतीय टीम के कप्तान बने थे, तब भारत मैच फिक्सिंग विवाद से जूझ रहा था। गांगुली की कप्तानी की सबसे अच्छी बात यह रही कि उन्होंने एक ऐसी टीम तैयार की जो एक टीम के तौर पर काफी मजबूत थी। उनकी कप्तानी में भारत ने विदेशों में पहले से ज्यादा मैच और सीरीज जीतीं। गांगुली ने 49 टेस्ट मैचों में टीम की कप्तानी की, जिनमें से 21 में जीत 13 में हार मिली। वह भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान भी थे। उनके इस रेकॉर्ड को बाद में महेंद्र सिंह धोनी ने तोड़ा।