मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भतीजे पर जानलेवा हमला, ICU में भर्ती

नई दिल्ली (10 फरवरी): हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भतीजे को जान से मारने की कोशिश। चंडीगढ़ के सेक्टर 9 में BMW से कुचलने की कोशिश की गई। इस हमले में हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह का भतीजा आकांक्ष गंभीर रूप से जख्मी हो गया। आकांक्ष चंडीगढ़ पीजीआई में वेंटिलेटर पर है और उसके सिर-पैर में गंभीर चोट आई है।

गाड़ी चढ़ाने वालों में से एक पंजाब के पूर्व सीएम का पड़पोता हरमहताभ सिंह उर्फ फरियाद है। पुलिस ने बीएमडब्ल्यू से कुचलने वाले बलराज रंधावा और फरियाद के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 यानि कत्ल के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश में खुद एसएचओ पूनम दिलावरी और डीएसपी रामगोपाल पंजाब में रेड कर रहे हैं।

बताया गया कि आरोपी हरमहताभ सिंह फरियाद 1946/47 में प्राइम मिनिस्टर ऑफ पटियाला ईस्ट स्टेट रहे ज्ञान सिंह राडेवाला का पड़ पोता है। बाद में कैरों सरकार में वे मिनिस्टर भी रहे। वहीं, वीरभद्र का परिवार आकांक्ष से मिलने के लिए पीजीआई पहुंच चुका है। इनमें वीरभद्र की बेटी भी है। सूत्रों की माने तो आरोपियों को दबोचने के लिए खुद सीएम ने प्रशासन के बड़े अधिकारियों से बात की है। परिवार को डर है कि दोषी देश छोड़कर भाग सकते हैं

आकांक्ष वीरभद्र की पत्नी प्रतिभा के भाई का लड़का है। बताया गया कि आकांक्ष कुछ महीने पहले ही चंडीगढ़ रहने लगा था और चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में उसने पार्टनरशिप में बड़ा डिस्क खोला है। बुधवार रात को आकांक्ष के सेक्टर-9 में रहने वाले दोस्त दीप ने नाइट हाउस पार्टी रखी, यानि डिस्को इन हाउस। रातभर पार्टी चली। यहां आकांक्ष के साथ उसका दोस्त शेरा भी आया। जबकि दीप ने बलराज व हरमहताभ सिंह उर्फ फरियाद को बुला रखा था।

बताया गया कि आकांक्ष के दोस्त शेरा और बलराज का पुराना विवाद था। जो रातभर चली हाउस पार्टी में गर्मा गया। सेक्टर-9 के आलीशान बंगले में वीरवार सुबह पौने पांच बजे तक पार्टी चली। सुबह बाहर आए तो बलराज और शेरा में मारपीट हो गई। आकांक्ष इनको छुड़ाने लगा। पहले मारपीट को रोककर आकांक्ष और उसका दोस्त राजन व करण आदि सेक्टर-9 से चल दिए। लेकिन शेरा वहीं रह गया। उसे लेने के लिए जब वापस आकांक्ष गया तो बलराज और उसके साथी ने सीधा बीएमडब्ल्यू आकांक्ष पर चढ़ा दी। करीब 20 फीट तक आकांक्ष को गाड़ी के टायर के नीचे घसीटा गया और बाद में उस पर गाड़ी चढ़ाकर आरोपी फरार हो गए। दोस्त उसे तुरंत पीजीआई ले गए, जहां अब वह आईसीयू में है और जिंदगी व मौत से जूझ रहा है।