पुणे में अब इन त्रिदेवों से ही होगी बड़ी उम्मीद

मुंबई (15 जनवरी): पुणे में आज इंग्लैंड की तरफ से कुल 11 छक्के और 26 चौके लगे, जिससे आप अंदाज लगा सकते हैं कि कैसे अब टीम इंडिया के बल्लेबाज पुणे में करने वाले हैं प्रहार। ऐसे में हर किसी की नजर रहने वाली है विराट, धोनी और युवराज की तिकड़ी पर। पुणे के मैदान में टीम इंडिया के त्रिदेव तोड़फोड़ करते नजर आ सकते हैं, क्योंकि नए साल की शुरुआत विराट शतक के साथ करते हैं।

पुणे के मैदान से विराट कोहली ने टीम इंडिया की कप्तानी करते हुए अपने करियर की दूसरी पारी शुरु की है। अगर पिछले तीन साल का रिकॉर्ड देखे तो विराट कोहली नए साल की शुरुआत शतक लगा कर करते हैं। 2014 में 19 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर वनडे से शतक लगा कर विराट ने नए साल की शरुआत की थी। 2015 में कप्तानी मिलने के बाद नए साल की शुरुआत सिडनी टेस्ट में 147 रनों की पारी खेल कर विराट ने नए सीजन का पहला शतक जड़ा था। 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साल के पहले वनडे में विराट ने पर्थ में 91 रनों की बड़ी पारी खेली थी।

यानि कि साल के पहले मैच में विराट से बड़ी पारी की गांरटी होती है। इंग्लैंड के खिलाफ भी आज विराट कोहली पुणे में बड़ी पारी खेल कर नए साल की शुरुआत पुराने अंदाज में करना चाहेंगे। वैसे भी फुलटाइम कप्तान बनने के बाद विराट कोहली का ये पहला मैच है जिसे विराट बल्ले से हमेशा हमेशा के लिए यादगार बनाना चाहेंगे।

विराट के बाद हर किसी की नजर रहने वाली है महेंद्र सिंह धोनी पर क्योंकि धोनी भी पुणे के इस मैदान से नए करियर की शरुआत कर रहे हैं। पिछले 10 साल में ये पहला मौका है जब धोनी किसी मैच में कप्तान नहीं बल्कि विकेटकीपर बल्लेबाज की हैसियत से खेल रहे हैं। मैच से पहले धोनी ये साफ कर चुके हैं कि टीम के हिसाब से वो बल्लेबाजी के लिए तैयार हैं।

विराट और धोनी के बाद अगर कोई तीसरा खिलाड़ी नई शुरुआत कर रहा है तो वो हैं युवराज सिंह। 2013 के बाद नीली जर्सी में युवराज का ये पहला वनडे मैच है। युवराज की नजर एक बड़ी पारी पर होगी, क्योंकि कोच अनिल कुंबले और कप्तान विराट कोहली ने मनीष पांडे के उपर युवराज सिंह को तरजीह दी है। ऐसे में युवराज के लिए इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का ये पहला मुकाबला काफी मायने रखता है। वैसे भी युवराज सिंह 2011 वर्ल्ड कप के बाद कोई शतकीय पारी नहीं खेल पाए हैं।

अब देखने वाली बात ये होगी कि जब टीम इंडिया का ये त्रिदेव बल्ले के साथ मैदान पर कदम रखता है तो फिर इंग्लैंड के गेंदबाज क्या रणनीति अपनाते हैं। वैसे विराट-धोनी और युवराज एक बार क्रीज पर टिक गए तो फिर इनसे पार पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होगा।