विराट कोहली ने खोला टेस्ट मैचों में जीत का राज

नई दिल्ली (26 दिसंबर): एक के बाद एक टेस्ट मैच में जीत हासिल करने वाली टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली कह रहे हैं कि किसी को भी अपनी नाकामयाबी से डरना नहीं चाहिए। विराट का ये भी मानना है कि वो जब अलग फैसले लेते हैं तो फिर उन्हें भी पता नहीं होता है कि उसका क्या परिणाम आएगा, लेकिन बतौर कप्तान वह जोखिम लेते हैं और उनकी जीत पक्की हो जाती है। जिसकी वजह से कप्तान कोहली पर लोगों का भरोसा और भी विराट हो गया है।

पिछले 2 साल की कप्तानी में विराट ने मैदान पर कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिससे लोग थोड़े हैरान हुए। लेकिन विराट ने अपने इन फैसलों से सीरीज की दिशा और दशा दोनों ही बदलने में कामयाब हुए। इंग्लैंड के खिलाफ खत्म हुए सीरीज में विराट ने पहले मैच में गंभीर को मौका देने के बाद उन्हें अगले मैच में टीम से बाहर कर दिया। हर किसी को लगा कि विराट ने गंभीर की जगह केएल राहुल पर दांव खेल कर गलत फैसला ले लिया। लेकिन राहुल ने चेन्नई जैसे अहम टेस्ट में 199 रनों की पारी खेल कर जीत की नींव तैयार की।

सिर्फ केएल राहुल ही क्यों विराट ने करुण नायर जैसे युवा बल्लेबाज को अपने फैसले से टेस्ट क्रिकेट का सिंकदर बना दिया। पहले दो टेस्ट में फ्लॉप रहने के बावजूद विराट ने नायर को तीसरे टेस्ट में मौका दिया। नायर ना सिर्फ अपने कप्तान के भरोसे पर सौ फीसदी खरे उतरे बल्कि नायर ने तिहरा शतक लगा कर इतिहास रच दिया। चेन्नई टेस्ट में 200 रनों की लीड हासिल करने के बाद हर किसी को ये उम्मीद थी कि विराट पारी घोषित कर देगें, लेकिन विराट ने ऐसा नहीं किया कप्तान होने के नाते विराट ने नायर को ट्रिपल सेंचुरी बनाने का मौका दिया। मैच के बाद विराट ने भी साफ कर दिया कि वो एक दांव खेले थे। उन्हें पांचवें दिव इंग्लैंड को ऑलआउट करने का पूरा भरोसा था।

साफ है कि कोई भी कप्तान सिर्फ 2 साल में इसलिए सबसे सफल कप्तान में गिना जाता है क्योंकि वो मैदान पर हटकर फैसला लेता हैं और विराट भी यही कर रहे हैं। विराट अपने फैसलों से सही साबित हो रहे हैं और उनकी टीम जीत रही है। किसी समय कप्तान धोनी के लिए भी यही कहा जाता था, जो आज विराट कर रहे हैं।