कोहली ने खोला दोहरे शतक जड़ने का राज

नई दिल्ली(4 दिसंबर): श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टेस्ट में दोहरा शतक जड़ने वाले टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने यह खुलासा किया है कि दोहरा शतक जड़ने की प्रेरणा उन्हें कहां से मिली है। विराट ने कहा कि उन्होंने टीम के साथी खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा सीखा है कि कैसे अपने शतक को दोहरे शतक में बदला जाता है। 

- जून 2016 से पहले विराट कोहली के नाम एक भी दोहरा शतक नहीं था और अब करीब 18 महीने के अंतराल में उनके नाम 6 दोहरे शतक हो गए हैं। इनमें से पिछली दो डबल सेंचुरी उन्होंने लगातार दो टेस्ट मैचों में बनाई है। विराट ने दिल्ली टेस्ट की इस पारी में अपने करियर का सर्वाधिक 243 स्कोर बनाया है। 

- खेल के इस पारंपरिक फॉर्मेट में 6 डबल सेंचुरी जड़ चुके विराट दिल्ली टेस्ट के दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद बीसीसीआई टीवी के लिए टीम के साथी खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा को यह इंटरव्यू दिया। 

- इस दौरान पुजारा ने उनसे पूछा कि कैसा लग रहा है कि करीब 18 महीनों में 6-6 दोहरे शतक जड़कर? इस पर विराट ने कहा कि सिर्फ मैं ही नहीं बल्कि पूरी टीम ने जिस खिलाड़ी से बड़ी पारियां खेलना सीखा है, वह कोई और नहीं बल्कि चेतेश्वर पुजारा ही हैं। पुजारा को टीम इंडिया की नई वॉल कहा जाता है।

- दिल्ली में दोहरा शतक जड़ने के बाद कोहली ने कहा, 'शानदार महसूस कर रहा हूं। अब हमेशा मेरे दिमाग में यह रहता है कि मैं बड़े शतक बनाऊं, कुछ ऐसा करूं जैसे मैंने तुम्हें (पुजारा) अक्सर करते देखा और सीखा है कि कैसे लंबे समय तक खेलते रहने के लिए एकाग्रता बनाए रखनी होती है।' हम सभी ने पुजारा की लंबी-लंबी पारियों को देखकर सीखा है, उनकी एकाग्रता और लंबे समय तक बैटिंग करते रहने की चाह कमाल है, तो मैं भी उन्हें देखकर प्रेरित हुआ। अब मैं यही प्रयास करता हूं कि जब तक संभव हो, मैं टीम के लिए लंबे समय तक पिच पर खड़ा रहकर ज्यादा से ज्यादा रन बना सकूं। तुम भी ऐसा ही करते हो और अपनी पारी खेलते हुए कभी थकते नहीं हो और किसी चीज से परेशान नहीं दिखते हो। तुम मैच की स्थिति को भांपते हुए अपने खेल पर फोकस रहते हो। 

- टेस्ट क्रिकेट में 6 दोहरे शतक समेत 20 शतक जड़ चुके विराट कोहली ने कहा कि एडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरी पारी में जड़ा गया शतक आज भी उनके लिए सबसे खास शतक है। बता दें कि इस टेस्ट में विराट के 243 रन की बदौलत भारत ने अपनी पहली पारी 536/7 के स्कोर पर तब घोषित कर दी, जब श्रीलंका की टीम दिल्ली में हवा की खराब क्वॉलिटी के कारण फील्डिंग करने में लगातार आनाकानी कर रही थी।