इन वजहों से एक बार फिर चैंपियंस ट्रॉफी जीत सकती है भारतीय टीम

नई दिल्ली ( 1 जून ): चैंपियंस ट्रॉफी में दम दिखाने के लिए भारतीय टीम तैयार है। भारतीय टीम 'का दो अभ्यास मैचों में प्रदर्शन अच्छा रहा है, उससे एक बात पूरी तरह से साफ है कि इस डिफेंडिंग चैंपियन का दावा बेहद मजबूत है। इंग्लैंड की जमीन पर भारतीय क्रिकेट टीम को खूब खेलती है। इंग्लैंड की जमीन पर भारतीय क्रिकेट टीम ने जीत की गई बड़े रिकाॅर्ड बनाई है।

कपिल देव की अगुवाई में भारतीय टीम ने अपना पहला वर्ल्ड कप इंग्लैंड की धरती पर ही 1983 में जीता था। फाइनल मुकाबले में भारत ने क्रिकेट के बेताज बादशाह वेस्टइंडीज को हराकर वर्ल्ड चैंपियन का खिताब हासिल किया था। इस महाविजय ने भारतीय क्रिकेट की तस्वीर ही बदल कर रख दी।

2002 की नेटवेस्ट सीरीज का फाइनल भला कौन भूल सकता है। सौरव गांगुली की अगुवाई में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को एक रोमांचक मुकाबले में उसी धरती पर हराकर फाइनल के खिताब पर कब्जा जमाया था। क्रिकेट का मक्का लॉर्ड्स में इंग्लैंड ने भारत के सामने जीत के लिए 325 रन का विशाल स्कोर खड़ा रखा था और भारत के पांच विकेट महज 146 रन पर ही गिर गए थे।

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही धोनी दुनिया के पहले ऐसे कप्तान बने, जिन्होंने आईसीसी की तीन बड़ी ट्राॅफी अपने नाम की। अब बारी विराट कोहली की है जिनके कंधों पर खिताब की रक्षा करने की जिम्मेदारी है।