आखिर कब खत्म होगा VIP कल्चर, एक वीआईपी के लिए 3 पुलिसकर्मी

नई दिल्ली (23 नवंबर): साल 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान वीआईपी कल्चर का मुद्दा जोरों शोरों से उठाया था। उन्होंने कहा था कि अगर वह सत्ता में आते हैं तो वह वीआईपी कल्चर को खत्म कर देंगे, लेकिन उनकी सरकार बनने के 3 साल बाद भी देश में वीआईपी कल्चर में कोई कमी नहीं आई है।

हाल ही में एक महिला डॉक्टर को वीवीआइपी कल्चर के चलते समय पर होने के बावजूद भी लंबा इंतजार करना पड़ा। महिला डॉक्टर इंफाल एयरपोर्ट पर अपनी फ्लाइट के टेक अॉफ का इंतजार कर रही थी। लेकिन केंद्रीय मंत्री केजे अल्फोंस की यात्रा के चलते यात्री विमान को रीशेड्यूल कर दिया गया। 

 

वीआईपी कल्चर को दिखाते ताजा आंकड़ों के मुताबिक करीब 20 हजार वीआईपी लोग हैं, जिनमें हर एक वीआईपी की सुरक्षा में औसत रूप से तीन पुलिसकर्मी तैनात हैं। वहीं आम नागरिक की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की संख्या काफी कमी है।

गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D) के डेटा के मुताबिक, देश भर में मौजूद 19.26 लाख पुलिस अफसरों में 56,944 पुलिसकर्मी 20,828 वीआईपी लोगों की सुरक्षा में तैनात हैं। जिसका मतलब है हर एक वीआईपी को औसतन रूप से 2.73 पुलिस कर्मी मिले हुए हैं, वहीं सिर्फ लक्षद्वीप एक मात्र ऐसा केंद्र शासित प्रदेश है, जहां किसी को भी पुलिस प्रोटेक्शन नहीं मिली हुई है।

एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक आम नागरिकों की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों की सूची में भारत दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले काफी पीछे है। यहां 663 भारतीयों की सुरक्षा का भार एक पुलिसकर्मी के कंधों पर है। ये कहना गलत नहीं होगा कि देश में पुलिस प्रोटेक्शन किसी स्टेटस सिंबल से कम नहीं रहा है। 

डेटा के मुताबिक, देश के पूर्वी और उत्तरी हिस्से में वीआईपी कल्चर सबसे ज्यादा फैला हुआ है। बिहार में जहां आम नागरिकों की सुरक्षा में सबसे कम पुलिस तैनात है, वहीं सबसे ज्यादा 3,200 वीआईपी हैं, जिन्हें 6,248 पुलिस वाले सुरक्षा दे रहे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में भी पुलिस प्रोटेक्शन का पूरा फायदा उठाया जा रहा है। यहां 2,207 वीआईपी हैं, जिनकी 4,233 पुलिसकर्मी सुरक्षा कर रहे हैं। जबकि यहां आधिकारिक तौर पर वीआईपी लोगों की सुरक्षा के लिए सिर्फ 501 पुलिसकर्मी ही दिए गए हैं।

तीसरे नंबर पर जम्मू-कश्मीर है, जहां 4,499 पुलिसकर्मी 2,075 वीआईपी नागरिकों की सुरक्षा में तैनात हैं। वहीं वीआईपी कल्चर को पूरी तरह से खत्म करने की बात करने वाले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का राज्य भी इस मामले में ज्यादा पीछे नहीं है। यहां 1,901 वीआईपी की सुरक्षा में 4,681 पुलिसकर्मी तैनात हैं। जबकि पंजाब में 1,852 वीआईपी लोगों की सुरक्षा में 5,315 पुलिस वाले तैनात हैं।

हालांकि दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में वीआईपी लोगों की लिस्ट छोटे शहरों के मुकाबले में काफी कम है। लेकिन इनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या काफी ज्यादा है. दिल्ली में जिन 489 नागरिकों को सुरक्षा प्रदान है, उनकी सुरक्षा में 7,420 पुलिसकर्मी तैनात हैं। जबकि महाराष्ट्र में सिर्फ 74 वीआईपी लोगों की सुरक्षा में 961 पुलिसकर्मी तैनात हैं। वहीं केरल में सिर्फ 54 वीआईपी हैं, जिन्हें 214 पुलिसकर्मी सुरक्षा मुहैया करा रहे हैं. बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में इसे स्टेटस सिंबल माना जाता है।