अगुस्ता वेस्टलैंड घोटाला: अब सीबीआई के निशाने पर बड़े राजनेता

नई दिल्ली ( 5 जनवरी ): अगुस्ता वेस्टलैंड मामले में जल्द ही सीबीआई की जांच के दायरे में वे लोग आने वाले हैं जो एक राजनीतिक परिवार से जुड़े हुए हैं। सीबीआई को जो दस्तावेज इटली से मिले हैं उसमें कुछ राजनीति से जुड़े हए लोगों के नाम हैं। इटली से सीबीआई को जो जानकारी मिली है उसे वह 166 सीआरपीसी के तहत सबूत के तौर पर इस्तेमाल करेगी।

वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों के सौदों में कथित घूसखोरी के मामले से जुड़े अगुस्टा वेस्टलैंड केस की सीबीआई जांच में हाल के वक्त में काफी तेजी आई है। एजेंसी के अंतरिम चीफ राकेश अस्थाना ने पूर्व वायुसेना प्रमुख त्यागी की गिरफ्तारी के बाद अब मामले से जुड़े राजनेताओं की जांच के लिए रजामंदी दे दी है।

इस खबर से कांग्रेस परेशान हो सकती है, क्योंकि पार्टी के कुछ नेताओं के नाम इस मामले से जुड़ चुके हैं। सीबीआई के पास एक डायरी है, जिसमें कथित तौर पर इन नेताओं के नाम दर्ज हैं। माना जा रहा है कि अस्थाना ने जांच का दायरा राजनेताओं तक बढ़ाने के लिए रजामंदी दे दी है। जिस डायरी में कथित तौर पर कांग्रेसी नेताओं का नाम है, वो इटली की अदालत ने सीबीआई को सौंपी है। सीबीआई अधिकारी ने कहा, 'हम पूछताछ के लिए नेताओं को बुलाने से पहले डायरी के तथ्यों की पुष्टि करेंगे।'

अगुस्टा केस में काफी वक्त से सुस्त नजर आ रही सीबीआई जांच ने बीते 25 दिन में अचानक से रफ्तार पकड़ ली है। यह सब कुछ अस्थाना की अगुआई में हो रहा है। अस्थाना के पद संभालने के एक हफ्ते के भीतर त्यागी और दो अन्य आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। हाल ही में दो तृणमूल सांसद भी गिरफ्तार किए गए। ऐसे में इन हाई प्रोफाइल लोगों की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए, क्योंकि एजेंसी अभी तक ऐसे बड़े कदम उठाने से बचती रही है।

सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, 'जांच में सहयोग न करना ही किसी की गिरफ्तारी की एकमात्र वजह नहीं है। किसी आरोपी को गिरफ्तार करके जुटाए गए सबूतों से उसका सामना कराया जाता है। ऐसा कस्टडी में होने वाली जांच के दौरान किया जाता है। जांच के इसी चरण में होने की वजह से त्यागी को गिरफ्तार किया गया। इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि उन्हें बड़ी रिश्वत दी गई थी।'