बलूचिस्तान में हिंसा बढ़ी, इस साल 331 को मौत के घाट उतारा

नई दिल्ली (15 मई): बलूचिस्तान में हिंसा फिर से उच्च स्तर पर पहुंच गई है। पाकिस्तानी समाचार पत्र द न्यूज इंटरनेशनल के अनुसार  वर्ष 2013 में 226 की तुलना में पिछले वर्ष प्रांत में कुल 286 हमले हुए, जिनमें बंदूकों और बम के हमले शामिल हैं। इसका सबसे खराब कारक यह है कि इस्लामिक स्टेट ने पिछले सात महीनों में कानून प्रवर्तकों, मंदिरों और राजनेताओं को लक्षित कर बलूचिस्तान में तीन घातक हमलों को अंजाम दिया था। दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि पिछले छह वर्ष में बलूचिस्तान में बंदूकों, बमों और आत्मघाती तरीके से कुल 1,647 हमले हुए हैं। इस अवधि में इन घटनाओं में कुल 2,105 लोग मारे गए और 4,089 घायल हुए हैं। दस्तावेज से पता चलता है कि पिछले छह वर्ष में लगभग 1000 गोलियों से छलनी शव प्रांत के विभिन्न हिस्सों से बरामद किए गए थे। मौजूदा वर्ष में बम विस्फोट की लगभग 80 घटनाएं घटीं। वर्ष 2016 में 331 निर्दोष लोगों की हत्याएं हुई जबकि 2015 में 202 लोग मारे गए थे। पाकिस्तान के सबसे बडे और सबसे अशांत प्रांत बलूचिस्तान में आतंकवादियों ने कई बार फ्रंटियर कोर और पुलिस कर्मियों को निशाना बनाया है।